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मानव श्रृंखला : बिहार के विश्व रिकॉर्ड में गिद्धौर ने दिया योगदान


विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला बनाकर इतिहास रचने के लिए आज पूरा बिहार एकजुट हुआ। इसमें गिद्धौर की धरती ने भी अपना योगदान दिया। आज सुबह से ही स्कूलों व बाजार में चहल-पहल देखी गई। गिद्धौर के लोग खुद को खुशनसीब मानकर इसमें योगदान देने को उत्सुक दिखे एवं जगह-जगह मानव श्रृंखला का निर्माण करने के लिए इकठ्ठा हुए।

एन एच - 333 पर बनी मानव श्रृंखला
गिद्धौर में मानव श्रृंखला के निर्माण में स्कूली बच्चे, शिक्षकगण, राजनितिक व सामाजिक कार्यकर्त्ता, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण व विभिन्न तबके के लोग मुख्य सड़क एन एच - 333 पर एक दूसरे के हाथ में हाथ डाले खड़े हुए।

उत्साह, गर्व, मुस्कान और जय बिहार
गिद्धौर की सड़क पर मानव श्रृंखला के निर्माण की शुरुआत होते ही लोगों के चेहरे पर मुस्कान, बच्चों के मन में उत्साह और महिलाओं के चेहरे पर गर्व साफ़ झलक रहा था। बच्चों द्वारा नशामुक्ति को लेकर विभिन्न नारे लगाये जा रहे थे। साथ ही जय बिहार और जय गिद्धौर के नारे से पूरा वातावरण गुंजायमान हो रहा था।

परिचालन पर रहा रोक
एन एच - 333 गिद्धौर से जमुई व गिद्धौर से झाझा होते हुए बड़े शहरों को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग है। मानव श्रृंखला के दौरान इस मुख्य सड़क पर सभी वाहनों के परिचालन पर रोक लगी रही। इस दौरान स्थानीय पुलिस द्वारा चौकस व्यवस्था रही। छोटे वाहनों का परिचालन वैकल्पिक रास्तों द्वारा किया गया।

ड्रोन से की गई फोटोग्राफी
इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन के 3 सेटेलाइट सहित राज्य सरकार द्वारा जिला मुख्यालय को मुहैया कराए गए ड्रोन द्वारा फोटोग्राफी की गई।

नशामुक्ति के लिए विश्व में पहली मानव श्रृंखला
यहाँ बता दें कि बिहार विश्व में अकेला ऐसा प्रदेश है जिसने नशे को न कहने के लिए विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला की परिकल्पना की और इसे अमलीजामा पहनाया। इसके पहले वर्ष 2004 में बांग्लादेश में प्रतिपक्ष ने सरकार के खिलाफ 1050 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाई थी।

(सभी तस्वीर एवं आलेख :- सुशान्त साईं सुन्दरम्)
~गिद्धौर
21/01/2017, शनिवार