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पटना : मेगा ब्लड डोनेशन कैंप में डॉ. रहमान के 165 छात्रों ने किया रक्तदान


पटना   (अनूप नारायण)
: राष्ट्रीय स्वैक्षिक रक्तदान दिवस के अवसर पर रविवार को श्री कृष्णा मेमोरियल हॉल में आयोजित मेगा ब्लड डोनेशन कैम्प मे अदम्या अदिति गुरुकुल के संस्थापक डॉक्टर एम रहमान मुन्ना जी समेत संस्थान के 165 छात्र-छात्राओं ने रक्तदान कर मिसाल कायम की । अदम्या अदिति गुरुकुल के संस्थापक डॉक्टर एम रहमान ने इस अवसर पर बताया कि उनके संस्थान के द्वारा समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान किया जाता है साथ ही साथ उनके गुरुकुल के बच्चे जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान करने हेतु सदैव तत्पर रहते हैं| माता वैष्णो देवी सेवा संस्थान तथा पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर  राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे समेत कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की।

रक्तदान जीवनदान है इस बात का अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि रक्त देने से जरूरत मंद लोगों को जीवन दान मिलता है, बल्कि रक्तदाता को स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होते हैं। आइये मिल कर इस अभियान को आगे बढ़ाते है और जरुरत मंद लोगो की हेल्प करते है।

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   रक्तदान वास्तव में किसी को जीवन दान ही है। आधा लीटर रक्त तीन लोगों का जीवन बचा सकता है और एक यूनिट ब्लड में 450 मि0ली0 रक्त होता है। जानकर आश्चर्य होगा कि विश्व में प्रतिवर्ष 8 करोड़ यूनिट से ज्यादा रक्त, रक्तदान से जमा होता है। इसमें विकासशील देशों का योगदान 38 प्रतिशत होता है, जबकि यहाँ दुनिया कि 82 प्रतिशत आबादी रहती है.पर दुर्भाग्यवश अपना भारत इसमें काफी पिछड़ा हुआ है या यूँ कहें कि लोग जागरूक नहीं हैं। हर वर्ष भारत को 90 लाख यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, पर जमा मात्र 60 लाख यूनिट की हो पाता है।

जरूरत है इस संबंध में लोगों को जागरूक करने की और स्वयं पहल करने की ताकि स्वैच्छिक रक्तदान की प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके और रक्त के अभाव में किसी को जीवन का दामन न छोड़ना पड़े.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के तहत भारत में सालाना एक करोड़ यूनिट रक्त की जरूरत है लेकिन उपलब्ध 75 लाख यूनिट ही हो पाता है। यानी करीब 25 लाख यूनिट खून के अभाव में हर साल सैंकड़ों मरीज दम तोड़ देते हैं। खून के एक यूनिट से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है।