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बड़ी खबर : श्रेयसी ने राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी में देश को दिलाया गोल्ड

Gidhaur.com (सुशांत साईं सुन्दरम) : ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कॉस्ट में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में सातवें दिन भी भारतीय प्रतिभागियों का जलवा जारी है. भारत की महिला डबल ट्रैप शूटर श्रेयसी सिंह ने अपने अचूक निशाने से देश को 12वां गोल्ड मेडल दिलाया. कांटे के मुकाबले में श्रेयसी ने पूरे फोकस के साथ निशाने साधे. हांलाकि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई शूटर एमा कॉक्स ने जरूर टक्कर दी, लेकिन शूट ऑफ में बाजी श्रेयसी सिंह ने मारी. यह पदक न सिर्फ देश के लिए, बल्कि श्रेयसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. श्रेयसी जिस मकसद के साथ गोल्ड कोस्ट पहुंची थीं, उसमें वह कामयाब रहीं.

अंक बराबर होने से हुआ शूटऑफ़
श्रेयसी का यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा। ऑस्ट्रेलिया की शूटर एम्मा कॉक्स श्रेयसी से तीन राउंड शूट कर आगे चल रही थीं, लेकिन चौथे राउंड में वह महज 18 प्वाइंट्स ही हासिल कर सकीं और उनका स्कोर दूसरी पोजिशन पर मौजूद भारत की श्रेयसी के बराबर हो गया। शूटऑफ में श्रेयसी ने अपने दोनों निशाने सटीक लगाए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई शूटर अपना एक निशाना सही नहीं लगा सकीं। जिसके बाद इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल भारत के नाम हुआ।

श्रेयसी ने लगाया अचूक निशाना

श्रेयसी सिंह (29 वर्ष) के लिए यह दिन यादगार रहेगा. कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा लेने से पहले उन्होंने खुद से और देशवासियों से जो वादा किया था, उसे उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से पूरा किया.

पिता के निधन से नहीं ले पाईं थीं CWG 2010 में हिस्सा
वर्ष 2010 उनके लिए बेहद खराब रहा, जून में उनके पिता दिग्विजय सिंह का लंदन में ब्रैन हेमरेज के कारण निधन हुआ था. अक्टूबर 2010 कॉमनवेल्थ खेलों में वह हिस्सा नहीं ले पाई थीं, हालांकि उसी साल फरवरी में उन्होंने दिल्ली में कॉमनवेल्थ फेडरेशन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था.
कई पदक हैं इनके नाम
2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में श्रेयसी ने सिल्वर तो जीता, लेकिन वह निराश थीं. श्रेयसी ने तब कहा था कि मैंने सिल्वर नहीं जीता, बल्कि गोल्ड मेडल गंवाया है. इसके अलावा उन्होंने 2014 इंचियोन एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था. श्रेयसी के दादा और पिता दोनों भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं.

गिद्धौर में जश्न का माहौल
श्रेयसी की इस उपलब्धि पर देशभर में खासकर उनके गृहनगर, बिहार के जमुई जिला अंतर्गत गिद्धौर में हर्ष का माहौल है. अपने गाँव की बेटी के इस उपलब्धि पर सभी जश्न मना रहे हैं.

गिद्धौर     |     11/04/2018, बुधवार