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Exclusive : जमुई जिले में सीड बॉल से आएगी हरियाली, प्रयोग जारी


gidhaur.com | बिभूति भूषण 】 :-

जमुई जिले के चकाई प्रखंड क्षेत्र के माधोपुर स्थित इको पार्क में वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से जैविक और रासायनिक खाद के सहयोग से तैयार किया जा रहा सीड बॉल जिले में हरियाली लाने में बहुत जल्द ही काफी हद तक सहायक होगा।


 इस तकनीक से काफी कम मेहनत में  जिले के पहाड़ी समेत मैदानी क्षेत्रों में भी बहुत ही आसानी से हरियाली लाने के स्वप्न को पूरा किया जा सकता है। इस योजना के पूरे जिले में सही तरीके से लागू हो जाने पर जिले में नर्सरी में पौधा तैयार करने की योजना पर भी काफी हद तक विराम लग जाएगा।

-[ कैसे काम करेगा सीड बॉल ]-

वन विभाग के अधिकारियों की माने तो जैविक और रासायनिक खाद के मिश्रण से छोटे-छोटे बॉल को तैयार करके और उसमें स्थानीय प्रजाति जैसे नीम, पीपल, बरगद, बेल, सखुआ, बांस, जामुन, चिरौंजी आदि के बीज को डाल करके स्थानीय भूखंड पर फेंका जायेगा।  सीड बॉल को तैयार करने में बहुत अधिक मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती है और इसे काफी सुगमतापूर्वक तरीके से तैयार किया जा सकता है।  प्रत्येक सीड बॉल में स्थानीय प्रजाति के चार से पांच पौधे के बीज को डालकर पहाड़ी और सामान्य क्षेत्र में फेंकने की व्यवस्था की जा रही है।

-[सिर्फ जमुई जिले में ही हो रहा है अनूठा प्रयोग]-

पूरे राज्य में मात्र जमुई जिले में यह अनूठा प्रयोग किया जा रहा है और इससे जिले में हरियाली लाने में काफी हद तक सहयोग मिलेगा।  एक सीड बॉल में चार से पांच प्रजाति के पौधे के बीज डालकर फेंकने के पश्चात एक से दो प्रजाति का पौधा बिना किसी देखभाल के स्वतः तैयार हो जायेगा। यह अपने आप में एक अनूठा प्रयोग है और इस प्रयोग के जिले में सफल होने पर इसे बृहद पैमाने पर पूरे जिले में लागू भी किया जाएगा। यह जिले के सभी क्षेत्रों में हरियाली लाने में भी काफी मददगार होगा।
इसके अलावा त्रिफला वन परियोजना के तहत जिसमें आंवला, हर्रे और बहेरा के पौधा को भी कई जगह पर लगाने की योजना जिले में प्रारंभ की जाएगी, साथ ही जटाशंकर/ रूद्र वन योजना को भी जिले में जल्द ही लागू किया जायेगा।  इस योजना के तहत रुद्राक्ष, शिवलिंगी ,अपराजिता ,स्वर्णचंपा ,गुलायची ,कनेर ,बर ,धतूरा ,बेल ,चंदन आदि के पौधों को भी निकट भविष्य में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लगाया जायेगा।

[ कहते हैं जिला वन पदाधिकारी ]

जिला वन पदाधिकारी सत्यजीत कुमार की माने तो सीड बॉल योजना के लिए विभाग की ओर से व्यापक तैयारी की गई है और यह पूरे जिले में हरियाली के घनत्व को बढ़ाने में काफी हद तक सहायक होगा। यह योजना स्थानीय तौर पर तैयार किया गया है।