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दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन के शुभारंभ का साक्षी बना स्वर्ण जयंती पार्क

[gidhaur.com | दयानन्द साव ]

    आर्यजनों के लिये चिरप्रतीक्षित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन का शुभारंभ गुरूवार को स्वर्ण जयंती पार्क रोहिणी -दिल्ली में महाशय धर्मपाल द्वारा ओम के ध्वज को फहराने के साथ किया गया। इस अवसर शांति के प्रतीक सफेद गुब्बारे को भी विश्व में शान्ति का संदेश फैलाने के लिए उड़ाया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए महामहिम ने अपने जीवन में आर्य समाज के प्रभावों के बारे में विस्तृत रूप से वर्णन किया। उन्होंने ऋषि दयानंद रचित सत्यार्थप्रकाश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अगर भारत को पुनः विश्वगुरु के रुप मे प्रतिष्ठापित करना है तो समस्त जगत को सत्यार्थप्रकाश में सुझाये गये मार्गों पर चलना होगा। उन्होंने वर्तमान वैश्विक समस्याओं पर आर्यजनों से आग्रह किया कि आप पर्यावरण संरक्षण के साथ ही ऊर्जा के क्षेत्र में सौर ऊर्जा को ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों के रूप में अपनाने के लिए भी अभियान चलायें। उन्होंने विश्व के 32 देशों से पधारे आर्य प्रतिनिधियों का भारत की ओर से आभार जताया। 


कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा.सत्यपाल सिंह ने कहा कि आज मैं जिस रुप में आप सबों के सामने इस मंच पर उपस्थित हूँ, आर्य समाज का ही देन है। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री डा.हर्षवर्धन ने कहा कि मेरे बाँजीवश पर दो संस्थाओं का गहरा प्रभाव पड़ा जिसमें पहला आर्य समाज और दूसरा आर.एस.एस.का है। आर्य समाज  का ही प्रभाव है कि मैं अपने नाम के आगे जाति या गौत्र से सम्बन्धित शब्दों का प्रयोग नहीं करता हूँ। उन्होंने आर्य समाज के इस कार्यक्रम के लिए समस्त आर्यजनों को धन्यवाद किया। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मेघालय के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि मेरी भी पृष्ठभूमि आर्य समाज से ही है। मैं व्यक्तिगत तौर पर आर्य समाज के इस आयोजन के लिए आप सबों को धन्यवाद देता हूँ। साथ ही इस विश्वस्तरीय आध्यात्मिक क्रांति के  अग्रदूत संस्था के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। सम्मेलन को  सिक्किम के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, राज्यपाल गंगा प्रसाद, सांसद सुमेधानंद जी महाराज, महाशय धर्मपाल, दिल्ली के मेयर आदेश गुप्ता के साथ साथ विश्व के 32 देशों से आये हुए आर्य प्रतिनिधियों ने भी सम्बोधित किया।




बता दें कि आर्यसमाज का  यह कार्यक्रम 25/10/2018 से 28/10/2018 तक चलेगा। यहां देश के दिग्गज व महारथियों के पहुंचने का कारवां जारी है।

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राष्ट्रगाण के साथ ही उद्घाटन सत्र का समापन हुआ। इस अवसर पर देश-विदेश से आये लगभग दो लाख आर्यजन उपस्थित रहे.