जमुई/बिहार। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), जमुई में आयोजित पांच दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बकरी पालन की संपूर्ण जानकारी दी गई, ताकि वे कम लागत में अधिक आय अर्जित कर अपने भविष्य को संवार सकें।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में बकरी पालन ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और आय का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले उससे संबंधित तकनीकी एवं वैज्ञानिक जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। सही प्रशिक्षण के अभाव में कई बार लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, जबकि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बकरी पालन के प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलू की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान विशेषज्ञों ने बकरियों के लिए उपयुक्त आवास निर्माण, संतुलित पोषण, नस्ल चयन, दैनिक देखभाल, रोगों की पहचान, टीकाकरण, उपचार तथा रोग नियंत्रण के आधुनिक तरीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। इससे प्रतिभागी व्यावसायिक स्तर पर बकरी पालन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकेंगे।
प्रशिक्षण के तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार ने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन करने के लाभ बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम संसाधनों में भी अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, स्वच्छता, पोषण एवं समय पर टीकाकरण के महत्व से भी अवगत कराया।
अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी ने आगे बताया कि प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों को राज्य सरकार द्वारा संचालित बकरी पालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं वित्तीय सहायता की भी जानकारी दी जा रही है, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने स्वरोजगार की शुरुआत कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ युवाओं और किसानों को अवश्य उठाना चाहिए।
कृषि विज्ञान केंद्र, जमुई के प्रमुख डॉ. सुधीर ने बताया कि बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिले के किसानों एवं युवाओं के लिए समय-समय पर पशुपालन आधारित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से गौपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन एवं सूकर पालन जैसे व्यवसायों की आधुनिक तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जा रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने जिले के युवाओं से आह्वान किया कि यदि वे पशुपालन के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं या स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, तो कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर प्रशिक्षण प्राप्त करें और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रियंका कुमारी, श्वेता कुमारी सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा दिए गए व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण की सराहना करते हुए इसे स्वरोजगार की दिशा में अत्यंत उपयोगी पहल बताया।







