जमुई/बिहार। राज्य सरकार की 'सात निश्चय-3' योजना के अंतर्गत 'सबका सम्मान–जीवन आसान' की परिकल्पना को धरातल पर उतारने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में जिला पदाधिकारी ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन कर जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस दौरान कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर प्रशासन की त्वरित कार्यशैली का परिचय दिया गया, जबकि अन्य मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनता दरबार में जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। किसी ने राजस्व संबंधी शिकायत रखी तो किसी ने विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा, आपदा राहत, भूमि विवाद, अनुकंपा नियुक्ति और नागरिकता से जुड़े मामलों को जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा। जिला पदाधिकारी ने प्रत्येक आवेदक की बात पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
जनता दरबार में 36 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश मामलों पर जिला पदाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई कर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निष्पादन का आदेश दिया। कई मामलों में दूरभाष के माध्यम से भी अधिकारियों से संपर्क कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई गई।
जनसुनवाई के दौरान गिद्धौर प्रखंड के बंझोलिया गांव की निवासी पूजा देवी ने आपदा राहत से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने तत्काल आपदा शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही आवेदिका को चार लाख रुपये की आपदा राहत राशि का चेक मौके पर ही प्रदान किया गया, जिससे पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सकी।
इसी प्रकार झाझा प्रखंड की चांय पंचायत से जुड़े अनुकंपा नियोजन के एक लंबित मामले में जिला पदाधिकारी ने सामान्य शाखा के प्रभारी को संचिका तत्काल अग्रसारित कर नियमों के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र लाभुकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और समय पर उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
जनता दरबार में एक संवेदनशील मामला अलीगंज प्रखंड के आढ़ा गांव से भी सामने आया। यहां की निवासी नरगिस बानो, जो पाकिस्तानी मूल की हैं और पिछले 28 वर्षों से वीजा पर जमुई में निवास कर रही हैं, ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सामान्य शाखा को संबंधित संचिका तत्काल प्रस्तुत करने तथा आवश्यक दस्तावेज उच्च स्तर पर अग्रसारित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
वहीं लक्ष्मीपुर प्रखंड के नवाडीह-खिलार गांव से पहुंचे 21 भूमि पर्चाधारकों ने शिकायत की कि उनकी आवंटित भूमि पर वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कराया जा रहा है। मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर वृक्षारोपण कार्य तत्काल रोकने का आदेश दिया। साथ ही लक्ष्मीपुर के अंचल अधिकारी को भूमि की वास्तविक प्रकृति एवं स्वामित्व की जांच कर शीघ्र विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनता दरबार के दौरान कई अन्य मामलों में भी जिला पदाधिकारी ने मौके पर ही समाधान कराया। जिन शिकायतों का तत्काल निस्तारण तकनीकी अथवा विधिक कारणों से संभव नहीं था, उनमें संबंधित जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त जांच करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
जनता दरबार के समापन पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि 'सुगम जीवन' की अवधारणा तभी साकार होगी, जब आम नागरिक बिना किसी अनावश्यक परेशानी के अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सके। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एक ऐसी संवेदनशील और जवाबदेह व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी न्याय के लिए भटकना न पड़े। जनता दरबार में जिला पदाधिकारी की त्वरित एवं जनहितैषी कार्यशैली से उपस्थित फरियादियों ने संतोष व्यक्त किया और प्रशासन के प्रति अपना विश्वास दोहराया।







