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मंगलवार, 14 जुलाई 2026

होमस्टे और कुटीर उद्योगों से बदलेगी जमुई की तस्वीर! गुरमाहा-चोरमारा को मिलेगा नया विकास मॉडल

जमुई/बिहार। पूर्व वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जमुई सहित बिहार के संवेदनशील इलाकों के सर्वांगीण विकास का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (एलडब्ल्यूई) राजीव कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में जमुई के जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लेकर जिले में चल रहे विकास कार्यों, चुनौतियों और भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर वहां के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना था। इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, संचार, आजीविका और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

'एकीकृत विशेष प्रोजेक्ट' तैयार कर केंद्र को भेजने का निर्देश
बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने स्पष्ट कहा कि पूर्व उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के स्थायी विकास के लिए केवल सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि इन सभी पहलुओं को समाहित करते हुए एक 'एकीकृत विशेष प्रोजेक्ट' शीघ्र तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाए। परियोजना के स्वीकृत होने के बाद केंद्र सरकार विशेष मद से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी, जिससे इन क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास को तेज गति मिल सकेगी।

गुरमाहा और चोरमारा बनेंगे इको-टूरिज्म के नए केंद्र
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय जमुई, मुंगेर और लखीसराय जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित गुरमाहा और चोरमारा को विकसित कर एक विशाल एकीकृत इको-टूरिज्म सर्किट तैयार करने की योजना रही।

संयुक्त सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यटन विकास को केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित न रखते हुए इसे स्थानीय लोक संस्कृति, लोक कला, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों से भी जोड़ा जाए, ताकि पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त हो सकें।

होमस्टे योजना से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
बैठक में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होमस्टे योजना लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत पर्यटक स्थानीय लोगों के घरों में ठहर सकेंगे, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और स्थानीय संस्कृति को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

इसके अलावा मत्स्य पालन, कृषि वानिकी, स्वरोजगार, महिला समूहों की भागीदारी तथा स्थानीय उत्पादों के विपणन की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं की पहचान कर शीघ्र समाधान प्रस्तुत किया जाए।

योग दिवस से बढ़ा लोगों का प्रशासन पर विश्वास
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद जिला प्रशासन लगातार पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाली के लिए कार्य कर रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुरमाहा में विशेष योग शिविर आयोजित किया गया था। इस आयोजन का उद्देश्य वर्षों से भय और असुरक्षा के माहौल में रह रहे लोगों को शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास दिलाना तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना था।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की निरंतर सकारात्मक पहल का परिणाम है कि अब इन दुर्गम क्षेत्रों के लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और सरकारी योजनाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं पर भी रहेगा विशेष फोकस
बैठक में जिला प्रशासन ने गुरमाहा, चोरमारा और आसपास के क्षेत्रों में विद्यालयों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, सड़क निर्माण तथा डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याओं को भी विस्तार से रखा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन सभी क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने और एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

लछुआड़, गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र और बरहट डैम को भी मिलेगी नई पहचान
समीक्षा बैठक में जमुई जिले के प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर भी व्यापक चर्चा हुई। अधिकारियों ने लछुआड़, गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र, बरहट डैम सहित अन्य प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर राज्य एवं राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीति प्रस्तुत की।

इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए बेहतर सड़क, आवास, सूचना केंद्र, मूलभूत सुविधाएं तथा स्थानीय संस्कृति आधारित पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने पर सहमति बनी।

'बिहार का सबसे सुंदर और समृद्ध जिला' बनाने का संकल्प
बैठक के समापन पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने पूर्व उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे विकासात्मक एवं विश्वास बहाली के प्रयासों की सराहना की। वहीं जिला पदाधिकारी ने केंद्र सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर उतारने का भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि पर्यटन, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक विकास के माध्यम से जमुई को बिहार के सबसे सुंदर, सुरक्षित और समृद्ध जिलों में शामिल करना है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से सभी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

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