जमुई/बिहार। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभाकक्ष में आज सौर ऊर्जा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और आम नागरिकों को ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘सोलर मेला सह लोन मेला’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी नवीन कुमार (भा.प्र.से.) ने की, जबकि उद्घाटन पारंपरिक विधि से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर सभागार में उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम उपभोक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले उपभोक्ताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज के अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं और इससे स्वच्छ ऊर्जा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार होता है।
अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने सौर ऊर्जा को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि तेजी से बढ़ती बिजली की मांग और पर्यावरणीय संकट को देखते हुए अक्षय ऊर्जा के विकल्पों को अपनाना अत्यंत जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरण के संरक्षण में सहायक है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाती है, क्योंकि इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है।
उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का जिक्र करते हुए बताया कि केंद्र सरकार इस योजना के तहत आम नागरिकों को सोलर पैनल लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी और आसान ऋण सुविधा प्रदान कर रही है। इससे अब हर वर्ग का व्यक्ति कम लागत में अपने घर की छत पर सोलर प्लांट स्थापित कर सकता है और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है।
समीक्षा बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की जानकारी जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि आवेदन से लेकर इंस्टॉलेशन तक की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, उन्होंने व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने पर भी जोर दिया, जिससे अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में जिला पदाधिकारी ने उपभोक्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान लोगों ने सोलर पैनल लगाने से जुड़े अपने अनुभव, समस्याएं और सुझाव साझा किए। जिला पदाधिकारी ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अधिकारियों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सब्सिडी की प्रक्रिया, बैंक लोन की सुविधा, सोलर पैनल के रख-रखाव और उसकी उपयोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने जिले में सौर ऊर्जा को लेकर नई जागरूकता और उत्साह का संचार किया।






