गिद्धौर/जमुई। बुधवार की शाम अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने गिद्धौर रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। मौसम के इस कहर के बीच स्टेशन परिसर स्थित फुट ओवरब्रिज (एफओबी) के किनारे लगी बैरिकेडिंग की लोहे की जाली टूटकर नीचे गलियारे में गिर गई, जिससे यात्रियों की आवाजाही बाधित हो गई और स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के झोंकों के कारण फुट ओवरब्रिज के किनारे लगी जाली अपनी जगह से उखड़ गई और सीधे उस रास्ते पर गिर पड़ी, जहां से यात्री प्लेटफॉर्म बदलने के लिए गुजरते हैं। घटना के बाद वहां मौजूद यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई लोग जोखिम उठाकर उसी रास्ते से गुजरते नजर आए, जबकि कुछ यात्रियों को मजबूरी में वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि घटना के करीब 5 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो गिरी हुई जाली को हटाया गया और न ही उसकी मरम्मत के लिए कोई पहल की गई। इससे रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
इस संबंध में जब ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर अरुण कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने आश्चर्यजनक बयान देते हुए कहा—
अभी आपके फोन आने पर जानकारी मिली है। हमलोग ऑफिस से बाहर थोड़े ही निकलते हैं। आईओडब्लू (इंजीनियरिंग विभाग) के लोग आकर इसे ठीक करेंगे। कल तक सब सही हो जाएगा।
स्टेशन मास्टर के इस बयान ने स्थानीय लोगों और यात्रियों में नाराजगी पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही मौके की जानकारी रखने में लापरवाही बरतेंगे, तो यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रेलवे विभाग कब तक इस समस्या का समाधान करता है।






