जमुई/बिहार, 29 अप्रैल 2026 : जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंडल कारा, जमुई परिसर में जिला प्रशासन की ओर से एक महत्वपूर्ण ‘बंदी दरबार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला पदाधिकारी के नेतृत्व एवं अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें प्रशासन और कारा प्रबंधन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों की समस्याओं को सीधे सुनना, उनके समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना तथा जेल के भीतर सुधारात्मक वातावरण को मजबूत करना रहा।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कारा परिसर में शांति, करुणा और सद्भाव के प्रतीक गौतम बुद्ध की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। प्रतिमा अनावरण के दौरान उपस्थित अधिकारियों और बंदियों के बीच एक सकारात्मक एवं आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध के विचार मानव जीवन को सही दिशा देने वाले हैं और उनके आदर्शों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सुधार ला सकता है।
उन्होंने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि कारावास का समय केवल सजा नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मसुधार का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। उन्होंने सभी बंदियों से आह्वान किया कि वे इस समय का सदुपयोग करते हुए अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाएं और अच्छे आचरण को अपनाएं, ताकि रिहाई के बाद वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। जिला पदाधिकारी ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना ही सच्चे सुधार का प्रतीक है।
‘बंदी दरबार’ के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्वयं बंदियों के बीच जाकर उनसे सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान बंदियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं, शिकायतें और सुझाव खुले रूप से रखे। जिला पदाधिकारी ने सभी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए कि सभी जायज समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बंदियों को उनके मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। साथ ही, जेल प्रशासन को निर्देशित किया गया कि बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार बनाए रखते हुए उनकी आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाए।
इस कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, पुलिस उपाधीक्षक, कारा अधीक्षक, उपाधीक्षक, कारा चिकित्सा पदाधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान जेल परिसर में सकारात्मक संवाद और सहयोग का वातावरण देखने को मिला, जो सुधारात्मक एवं मानवोन्मुख जेल प्रबंधन की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में उभरकर सामने आया।







