खैरा/जमुई (Khaira/Jamui), 30 मार्च 2026, सोमवार : जमुई जिले को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने रविवार, 29 मार्च को एक साहसिक और दूरदर्शी पहल की। जिला पदाधिकारी नवीन तथा पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने खैरा प्रखंड स्थित गिद्धेश्वर पर्वत श्रृंखला के दुर्गम जंगलों, पथरीले रास्तों और संकरी पगडंडियों से होकर पंचभूर झरना तक की कठिन पदयात्रा पूरी की।
यह पदयात्रा केवल प्राकृतिक सौंदर्य के अवलोकन तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रशासन द्वारा क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को परखने और बुनियादी सुविधाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बनी। घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर यह समझने का प्रयास किया कि इस खूबसूरत स्थल को पर्यटकों के लिए कैसे सुलभ और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
यात्रा के दौरान प्रशासनिक टीम ने स्थानीय ग्रामीणों और वनवासियों से सीधा संवाद स्थापित किया। जिला पदाधिकारी ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए झरने तक पहुँचने के लिए सबसे आसान एवं सुरक्षित मार्ग के चयन पर विशेष जोर दिया, ताकि भविष्य में यहाँ आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में विकास की सकारात्मक तस्वीर भी सामने आई। रास्ते में महुआ चुन रहे ग्रामीणों से बातचीत के क्रम में एक दिव्यांग व्यक्ति और उनकी वृद्ध माता ने वृद्धा पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ पर संतोष व्यक्त किया। कभी नक्सल प्रभावित रहे इस इलाके के लोगों ने बताया कि अब यहां भय का माहौल पूरी तरह समाप्त हो चुका है और गांव-गांव तक बिजली व सौर ऊर्जा की पहुंच प्रशासनिक प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।
जब प्रशासनिक टीम पंचभूर झरने के विभिन्न स्तरों तक पहुंची, तो वहां का प्राकृतिक दृश्य सभी को मंत्रमुग्ध कर गया। विशेष रूप से झरने का तीसरा स्तर, जहां स्वच्छ और शीतल जल चट्टानों के बीच फैलकर अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है, को जल-क्रीड़ा और पर्यटन के लिए सबसे उपयुक्त स्थल के रूप में चिन्हित किया गया।
यह पूरी पहल महज औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि जमुई के नैसर्गिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की एक गंभीर कोशिश के रूप में देखी जा रही है। मौके पर ही डीएम और एसपी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर इस स्थल के विकास, स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों के सहयोग से इस क्षेत्र को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने पर बल दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने आम जनता एवं संभावित पर्यटकों से भी अपील की कि वे इस प्राकृतिक धरोहर की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखें। प्रशासन की यह पहल आने वाले समय में पंचभूर झरना को एक प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।






