गिद्धौर/जमुई। नववर्ष के पहले दिन गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र में उत्साह, आस्था और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिला। गिद्धौर प्रखंडवासियों ने साल 2026 की शुरुआत पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, पारिवारिक पिकनिक और पर्यटन भ्रमण के साथ की। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं युवाओं और परिवारों के समूह जिले के प्रमुख धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की ओर रवाना होते नजर आए।
नववर्ष के अवसर पर गिद्धौर क्षेत्र के पंच मंदिर, बाबा कोकिलचंद मंदिर, बाबा बूढ़ा नाथ मंदिर, मां बूढ़ी स्थान मंदिर, महावीर मंदिर, बाबा घनश्याम स्थान मंदिर सहित बाबा गिद्धेश्वर नाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान से सुख-समृद्धि, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। मंदिर परिसरों में सुबह से घंटियों की गूंज, मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
वहीं बड़ी संख्या में गिद्धौर के युवाओं ने जिले के प्रसिद्ध तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों का रुख किया। भगवान महावीर की जन्मस्थली क्षत्रियकुंड, जैन मंदिर लछुआड़ में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। इसके साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर भीम बांध वन्य अभ्यारण्य, नागी-नकटी पक्षी अभ्यारण्य, बंधौरा पहाड़ सहित अन्य रमणीय स्थलों पर पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ देखी गई।
पर्यटन स्थलों पर सुबह से देर शाम तक चहल-पहल बनी रही। युवाओं के साथ-साथ परिवारों ने भी नए साल का आनंद प्रकृति की गोद में उठाया। कहीं समूह में सेल्फी ली जा रही थी तो कहीं बच्चों की खिलखिलाहट से माहौल जीवंत नजर आया। स्थानीय दुकानों, चाय-नाश्ते की दुकानों और पिकनिक स्पॉट के आसपास भी अच्छी-खासी रौनक देखने को मिली।
कुल मिलाकर गिद्धौर प्रखंड में नववर्ष 2026 का स्वागत आस्था, आनंद और उमंग के साथ किया गया। धार्मिक स्थलों की शांति और पर्यटन स्थलों की रौनक ने यह संदेश दिया कि गिद्धौरवासियों ने नए साल की शुरुआत सकारात्मक सोच और सामूहिक उल्लास के साथ की है।






