गिद्धौर/जमुई। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले की निवासी जोहरा खातून के लापता होने का मामला मंगलवार को सुखद अंत के साथ समाप्त हुआ। बताया जाता है कि जोहरा खातून की शादी नेपाल में हुई थी और वह पिछले करीब चार महीनों से रहस्यमय ढंग से गुमशुदा थी। भटकते हुए वह जमुई जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हुआ गांव पहुंच गई, जहां स्थानीय लोगों की मदद से उसकी जानकारी 112 डायल सेवा को दी गई।
मंगलवार को कोल्हुआ बाजार से 112 डायल की कर्मी कौशल्या कुमारी ने महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेते हुए गिद्धौर थाना पहुंचाया। थाना लाने के बाद पुलिस द्वारा महिला से पूछताछ की गई और तकनीकी माध्यमों से उसकी पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जांच के क्रम में यह स्पष्ट हुआ कि जोहरा खातून पश्चिम चंपारण जिले के गोवर्धना डुमरी थाना क्षेत्र की निवासी है तथा वहां उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पूर्व में दर्ज है।
तथ्यों की पुष्टि होने के बाद गिद्धौर के तत्कालीन थाना प्रभारी दीनानाथ सिंह ने तत्परता दिखाते हुए पश्चिम चंपारण में महिला के परिजनों से संपर्क किया और उन्हें पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन गिद्धौर थाना पहुंचे, जहां पुलिस की मौजूदगी में जोहरा खातून को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
थाना परिसर में जैसे ही जोहरा खातून की अपने परिवार से मुलाकात हुई, भावुक दृश्य देखने को मिला। परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे और पूरे माहौल में राहत व संतोष का भाव दिखाई दिया। जोहरा खातून की भाभी आयशा खातून, दोनों भाई यशमीन मियां एवं सगीर मियां, पति सदरे आलम तथा भांजा अयूब अली गिद्धौर पहुंचे और उन्हें अपने साथ लेकर गए।
इस पूरे घटनाक्रम में गिद्धौर पुलिस एवं 112 डायल सेवा की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की स्थानीय लोगों ने सराहना की। पुलिस की सतर्कता से एक बिछड़ा परिवार फिर से एकजुट हो सका, जिससे समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना और मजबूत हुई।







