बाबा कोकिलचंद धाम गंगरा को मिलेगा जिलास्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा - gidhaur.com : Gidhaur - गिद्धौर - Gidhaur News - Bihar - Jamui - जमुई - Jamui Samachar - जमुई समाचार

Breaking

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

सोमवार, 21 मई 2018

बाबा कोकिलचंद धाम गंगरा को मिलेगा जिलास्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा


[gidhaur.com | News Desk] :-  प्रत्येक वर्ष अन्न की रक्षा करने की शपथ लेते हुए अगहन माह में नेमान पर्व मनाने की अनुठी परंपरा की नींव रखने वाले जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंडांतर्गत नागी और उलाई नदी के बीच अवस्थित 'गंगरा पंचायत' की पहचान बाबा कोकिलचन्द से जुड़ी है। 

अब, वर्षों के संघर्षोपरान्त बाबा कोकिलचंद धाम के दिन फिरने वाले हैं, जी हां आश्चर्यचकित मत होइए, ऐसा इसलिए है क्योंकि बाबा कोकिलचंद धाम गंगरा को जिलास्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा देने संबंधित सांसद चिराग ने जमुई डीएम को पत्र लिखा है। दिनांक 15/5/2018 को पत्रांक 7872/CP/VIP/2018 के माध्यम से जमुई डीएम को लिखे गए पत्र में सांसद ने गंगरा को शराबमुक्त गांव का दर्जा दिलाने एवं इस धाम को जिलास्तरीय धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित कराने हेतु अग्रेतर कार्यवाई करने की बात कही है।
सांसद द्वारा लिखा गया पत्र

अतीत की बात करें तो, गिद्धौर के एतिहासिक पृष्ठभूमि पर इसकी प्रगति और प्रसिद्धि में बाबा कोकिलचंद का असीम कृपा माना जाता है। बुजुर्गों का कहना है कि गिद्धौर महाराजा ने बाबा को अपना आराध्य मानकर गंगरा में बाबा कोकिलचंद की पिंडी स्थापित करते हुए तकरीबन 16 बीघा जमीन सेवायती के लिए दान दिया था, जिससे आज तक उनकी पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी है।

पाठकों को बता दें कि, बाबा कोकिलचंद विचार मंच के संयोजक चुनचुन कुमार ने पिछले महीने के 26 तारीख को पत्र लिखकर जमुई सांसद चिराग पासवान से बाबा कोकिलचंद धाम गंगरा को शराब मुक्त ग्राम का दर्जा और जिलास्तरीय धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की मांग की थी। कूछ माह पूर्व इस संदर्भ में बिहार सरकार के श्रम मंत्री  विजय कुमार सिन्हा से भी गुहार लगाई जा चूकी है। और वर्तमान में सांसद और श्रम मंत्री द्वारा इस दिशा में सकारात्मक पहल जारी है।

पिण्डी - बाबा कोकिलचंद
जमुई सांसद द्वारा बाबा कोकिलचंद धाम गंगरा को शराब मुक्त ग्राम एवं जिलास्तरीय पर्यटन स्थल का दर्जा देने के प्रति सांसद के सक्रियता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए बाबा कोकिलचंद विचार मंच के मार्गदर्शक मंडल डाॅ. लखन लाल पांडेय, सिविल जज मनोरंजन कुमार, लेखक सह कवि ज्योतेन्द्र मिश्र, प्रोफेसर रामावतार सिंह, संदीप कुमार आचार्य, डाॅ. रविश कुमार सिंह, सहयोगी शंभु सिंह, बाबा कोकिलचंद  सेवा समिति के गोपाल सिंह, पप्पु सिंह व अन्य ने सांसद के इस पहल की मुक्तकंठ से प्रसंशा की।

विदित हो,बाबा कोकिलचंद के त्रिसूत्रीय संदेश और यहाँ की संस्कृति को बचाने एवं अनुपालन हेतु विचार मंच के तले सैंकडों लोगों को शराब से दुर रहने, अपने थाली में जूठा नहीं छोडने, दहेज प्रथा और बाल विवाह को रोकने की शपथ दिलाते हुए विचारमंच को हरेक गांव घर घर तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास भी जारी है। इस सार्थक पहल में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले मंच के संयोजक चुनचुन कुमार बताते हैं कि उक्तांकित विषय को एकत्रित कर बिहार के मुख्यमंत्री के पास भी प्रस्तुत की जाएगी। फिलहाल इस गाँव की संस्कृति को आगे ले जाने की जरुरत है, अगर इस गाँव को शराबमुक्त गाँव का दर्जा मिलता है तो शराब बंदी कानून को बहुत ताकत मिलेगा ।

(अभिषेक कुमार झा)
गिद्धौर | 20/05/2018,रविवार
www.gidhaur.com

Responsive Advertisement