गिद्धौर/जमुई। सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर शनिवार को गिद्धौर में पितरों के प्रति श्रद्धा और धार्मिक आस्था का माहौल रहा। इस अवसर पर गिद्धौर निवासी सुशांत साईं सुंदरम ने विद्वान पंडित वेदानंद पांडेय के मार्गदर्शन में विधि-विधान के साथ पितरों को तर्पण अर्पित किया। इसके साथ ही पितृपक्ष का समापन हुआ और अब क्षेत्र में मां दुर्गा के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सनातन धर्म में सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन उन सभी पितरों के निमित्त श्राद्ध एवं तर्पण किया जाता है, जिनकी पुण्यतिथि ज्ञात नहीं होती या जिनका श्राद्ध पितृपक्ष के दौरान किसी कारणवश नहीं हो पाता है। इस दिन पूर्वजों का स्मरण कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा रही है।
इसी क्रम में सुशांत साईं सुंदरम ने पंडित वेदानंद पांडेय के निर्देशन में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार तर्पण किया और अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा निवेदित की।
कलश स्थापना के साथ शुरू होगा देवी पक्ष
पितृपक्ष की समाप्ति के साथ ही अब शारदीय नवरात्र को लेकर लोगों में उत्साह है। मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रविवार को कलश स्थापना के साथ देवी पक्ष की शुरुआत होगी। इसके साथ ही नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
सर्वपितृ अमावस्या जहां पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर है, वहीं इसके बाद शुरू होने वाला देवी पक्ष शक्ति की उपासना और भक्ति का संदेश देता है। गिद्धौर में भी पितरों के तर्पण के साथ अब मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियों को लेकर धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है।

