जमुई/बिहार। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जमुई जिला प्रशासन लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के तहत संचालित ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सोमवार को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार (भा.प्र.से.) ने अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें जिला पदाधिकारी के समक्ष रखीं।
जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को जिला पदाधिकारी ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को उसका अधिकार मिले और किसी भी व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।
जनता दरबार में इस बार मुख्य रूप से भूमि विवाद, आपदा राहत तथा बैंक ऋण से संबंधित कुल 13 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक मामले भूमि विवादों से जुड़े थे। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े विवाद ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक तनाव और पारिवारिक संघर्ष का कारण बनते हैं, इसलिए इन मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से समाधान होना आवश्यक है। उन्होंने अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया ताकि विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा जनता दरबार में स्वरोजगार और आर्थिक सहायता से जुड़े बैंक ऋण संबंधी मामलों पर भी चर्चा हुई। जिला पदाधिकारी ने अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) को निर्देश देते हुए कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत होने वाले ऋण आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए समय पर ऋण उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है। यदि पात्र लाभार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता मिलेगी, तभी सरकार के ‘जीवन आसान’ के लक्ष्य को वास्तविक रूप दिया जा सकेगा।
जनता दरबार में आपदा प्रभावित परिवारों द्वारा भी अपनी समस्याएं रखी गईं। इन मामलों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर राहत राशि एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे होते हैं, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें शीघ्र राहत प्रदान की जाए।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी आवेदनों की नियमित निगरानी की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ कार्य करें तथा लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाएं।
जनता दरबार में उपस्थित लोगों ने भी जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की। अपनी समस्याओं को सीधे जिला पदाधिकारी के समक्ष रखने और तत्काल कार्रवाई का आश्वासन मिलने से फरियादियों के चेहरों पर संतोष और उम्मीद साफ दिखाई दी। जिला प्रशासन का मानना है कि जनता दरबार जैसे मंच शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करते हैं तथा लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत करते हैं।
जिला पदाधिकारी ने अंत में कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को सरल, सम्मानजनक और सुविधाजनक बनाना है। इसी उद्देश्य के साथ जनता दरबार सहित विभिन्न जनसुनवाई कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान समय पर हो सके और शासन की संवेदनशीलता लोगों तक पहुंच सके।







