जमुई/बिहार। राज्य में स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी 'सूर्यघर बिजली योजना' एक नई ऊर्जा क्रांति का आधार बनने जा रही है। इसी योजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी जिलों में योजना की वर्तमान प्रगति, आगामी रणनीति तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जमुई के जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए और जिले की तैयारियों एवं कार्ययोजना से अवगत कराया।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में 'सूर्यघर बिजली योजना' को एक जन-आंदोलन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पूरे बिहार में 2.5 लाख घरों पर सोलर रूफटॉप प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसका औपचारिक शुभारंभ आगामी 14 जून को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बिजली उत्पादन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के उपयोग को भी व्यापक गति प्रदान करेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि सूर्यघर योजना बिहार के लाखों परिवारों के लिए आर्थिक राहत का माध्यम बनेगी। जिन परिवारों को हर महीने बिजली बिल के भुगतान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, उनके लिए सोलर रूफटॉप व्यवस्था दीर्घकालिक समाधान सिद्ध होगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली व्यय काफी हद तक कम होगा तथा वे स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
बैठक में योजना के सफल क्रियान्वयन में संवेदकों की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासनों को निर्देश देते हुए कहा कि संवेदकों को केवल कार्य निष्पादक नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की विकास टीम के महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में देखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी संवेदकों को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन तथा अनुकूल कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण कार्य कर सकें। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही सोलर संयंत्रों की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सभी जिलों में प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय रखते हुए जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने भरोसा दिलाया कि सरकार और जिला प्रशासन की ओर से संवेदकों तथा लाभार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने जमुई जिले के नागरिकों और संवेदकों से योजना में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि जमुई की भौगोलिक परिस्थितियां और वर्षभर उपलब्ध पर्याप्त धूप इस योजना के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। ऐसे में जिले के लोगों के लिए यह योजना एक सुनहरा अवसर है, जिसका लाभ उठाकर वे अपने घरों को स्वच्छ और सस्ती सौर ऊर्जा से रोशन कर सकते हैं।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि सूर्यघर बिजली योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने का अभियान है। उन्होंने जिले के नागरिकों से आग्रह किया कि वे योजना की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार इसमें आवेदन कर इसका लाभ लें। साथ ही संवेदकों से अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित अवधि में सोलर रूफटॉप स्थापना का लक्ष्य पूरा करें।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन, संवेदकों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से जमुई जिला इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में पूरे बिहार के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा। सूर्यघर बिजली योजना न केवल बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, बल्कि हरित ऊर्जा आधारित विकसित बिहार के निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







