जमुई/बिहार। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, आधुनिक और आमजन के लिए अधिक सुलभ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सक्रिय पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में नवीन कुमार, जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति, जमुई की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, बुनियादी संसाधनों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा डिजिटल स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बिहार सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
सदर अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने पर जोर
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत सदर अस्पताल जमुई को भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अस्पताल परिसर में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर क्षेत्र में टाइल्स लगाने, जर्जर खिड़कियों की मरम्मत, आईसीयू एवं एसएनसीयू विस्तार क्षेत्र में विद्युत वायरिंग की समुचित व्यवस्था तथा फायर सेफ्टी सिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही, इन सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मानव संसाधन की कमी दूर करने का निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता को आवश्यक बताते हुए जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन जमुई को जिले में मानव संसाधन की वर्तमान स्थिति का आकलन करने तथा आवश्यकता अनुसार राज्य मुख्यालय को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के कारण आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की तकनीकी निगरानी पर बल
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने संस्थागत प्रसव दर बढ़ाने के लिए तकनीकी उपायों को अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले की सभी गर्भवती महिलाओं की लाइन-लिस्टिंग करते हुए एक विशेष गूगल शीट तैयार की जाए, जिसमें एएनएम के माध्यम से संभावित प्रसव तिथि तक नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जोखिम की समय रहते पहचान कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सके।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त रुख
जिला पदाधिकारी ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान ‘भाष्य’ (BHAVYA) पोर्टल एवं टेली-कंसल्टेशन सेवाओं के संचालन में शिथिलता पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंड स्तरीय प्रभारियों एवं चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगने तथा आवश्यकतानुसार नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टीकाकरण एवं एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान को तेज करने का निर्देश
जिले में पूर्ण टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जिला पदाधिकारी ने शिक्षा विभाग, जीविका, आईसीडीएस एवं पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने गार्डासिल टीकाकरण सहित अन्य प्रतिरक्षण कार्यक्रमों को अभियान मोड में संचालित करने का निर्देश दिया। साथ ही ‘माशा’ (MASHA) ऐप के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की डिजिटल प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा गैर-संचारी रोगों (NCD) की स्क्रीनिंग को प्रखंड स्तर पर तेज करने के आदेश दिए।
सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्माण की दिशा में प्रशासन प्रतिबद्ध
जिला पदाधिकारी के निर्देशों से स्पष्ट है कि जमुई जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आमजनोन्मुख बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य ढांचे के आधुनिकीकरण, डिजिटल निगरानी और विभागीय समन्वय के माध्यम से जिले में चिकित्सा व्यवस्था को नई दिशा देने की पहल की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें।






