जमुई/बिहार, 12 मई 2026, मंगलवार। जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा संवेदनशील बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में नवीन कुमार, जिला पदाधिकारी, जमुई ने मंगलवार को नीमारंग स्थित पर्यवेक्षण गृह एवं बॉम्बे कॉलोनी स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का विस्तृत एवं सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत संचालित संस्थानों में बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा मानकों तथा पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करना था।
बच्चों से आत्मीय संवाद कर दिया सकारात्मक जीवन का संदेश
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने संस्थानों में रह रहे किशोरों और बच्चों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों से आत्मीयतापूर्वक बातचीत करते हुए उन्हें जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने तथा अपनी क्षमताओं को सही दिशा में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में हुई गलतियाँ किसी व्यक्ति का भविष्य तय नहीं करतीं, बल्कि उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना ही वास्तविक सुधार और सफलता की पहचान है। उन्होंने बच्चों को आत्मविश्वास बनाए रखने तथा समाज के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
संस्थान की व्यवस्थाओं की सूक्ष्म समीक्षा
जिला पदाधिकारी ने पर्यवेक्षण गृह में आवास, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किशोर न्याय अधिनियम एवं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत निर्धारित सभी व्यवस्थाओं का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के रहने के कक्ष, भोजनालय, शौचालय तथा परिसर की साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक परामर्श पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने आवासित बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी समुचित ध्यान रखा जाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं परामर्शदाताओं की नियमित सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। साथ ही उन्होंने शिक्षा को बच्चों के भविष्य निर्माण का आधार बताते हुए निर्देश दिया कि उनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाए। खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बच्चों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने खेल मैदान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
स्वच्छ वातावरण और आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का आदेश
पर्यवेक्षण गृह परिसर में स्वच्छता और जल निकासी की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने नगर परिषद के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि वे बेहतर मानसिक स्थिति में अपने जीवन को नई दिशा दे सकें।
दत्तक ग्रहण संस्थान में शिशुओं की देखभाल की समीक्षा
बॉम्बे कॉलोनी स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने वहां आवासित शिशुओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल की व्यक्तिगत रूप से जानकारी ली। उन्होंने संस्थान के कर्मियों को निर्देश दिया कि बच्चों की देखभाल पूरी संवेदनशीलता, धैर्य और मानवीय दृष्टिकोण के साथ की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि संस्थान में रह रहे प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और पारिवारिक वातावरण जैसा संरक्षण मिले।
एक बालक के परिजनों का पता लगने पर जताया संतोष
निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा की गई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी भी साझा की गई। बताया गया कि संयुक्त प्रयासों से संस्थान में रह रहे एक बालक के मूल घर और परिजनों का सफलतापूर्वक पता लगा लिया गया है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि उक्त बालक की घर वापसी एवं परिजनों को सुपुर्द करने की सभी वैधानिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी की जाएं, ताकि उसे परिवार का स्नेह पुनः प्राप्त हो सके।
बाल संरक्षण को लेकर प्रशासन गंभीर
जिला पदाधिकारी के इस निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि जमुई जिला प्रशासन बाल संरक्षण, पुनर्वास और बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। संस्थानों में रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक पुनर्वास सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। निरीक्षण के अवसर पर सिविल सर्जन जमुई, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, किशोर न्याय परिषद के सदस्य तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।






