जमुई/बिहार। सांसद अरुण भारती की अध्यक्षता में जमुई समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला स्तरीय विद्युत समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, चल रही विकास योजनाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बिहार सरकार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत, जमुई के जिला पदाधिकारी नवीन सहित विद्युत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत जिला पदाधिकारी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का स्वागत करते हुए जिले की मौजूदा बिजली आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जमुई जिले में दो ग्रिड शक्ति उपकेंद्र तथा 22 पावर सब-स्टेशन संचालित हैं, जिनके माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की जा रही है। साथ ही, जिले में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए चकाई क्षेत्र में एक नए ग्रिड शक्ति उपकेंद्र तथा पांच अतिरिक्त पावर सब-स्टेशनों के निर्माण का प्रस्ताव राज्य मुख्यालय को भेजा गया है। इस पर सांसद अरुण भारती ने कहा कि इन योजनाओं की स्वीकृति के लिए वे केंद्र और राज्य सरकार स्तर पर पहल करेंगे, ताकि जिले की विद्युत व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके।
बैठक के दौरान सांसद अरुण भारती ने कहा कि जिले में विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नियमित समीक्षा की जाएगी और हर तीन महीने पर इस प्रकार की बैठक आयोजित कर प्रगति का आकलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानवीय त्रुटि को गंभीरता से लिया जाएगा।
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बैठक में विशेष रूप से झाझा एवं अन्य प्रखंडों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के कृषि कार्यों, विशेषकर सिंचाई के समय, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के मौसम में बिजली कटौती किसानों के लिए बड़ी समस्या बन सकती है, इसलिए विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
बैठक में विद्युत अधीक्षण अभियंता ने जिले की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में जमुई के शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 22 से 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 22 घंटे तक बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में इस समय 109.18 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है, जबकि जिले के 22 विद्युत शक्ति उपकेंद्रों की कुल क्षमता 339.45 एमवीए है, जो वर्तमान मांग से काफी अधिक है।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य योजना के तहत स्वीकृत चार 33 केवी विद्युत परियोजनाओं में से तीन का कार्य पूर्ण कर उन्हें चालू कर दिया गया है, जबकि शेष एक परियोजना का कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत एलटी केबल बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और केवल 2.71 सीकेएम कार्य शेष है। कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 27 कृषि फीडरों के निर्माण का लक्ष्य भी पूरा कर लिया गया है, जिसके तहत 11 केवी एवं एलटी लाइन के साथ 321 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं।
आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए सांसद अरुण भारती ने इन्दपे और बटिया में बन रहे नए विद्युत शक्ति उपकेंद्रों को क्रमशः जुलाई और अगस्त 2026 तक हर हाल में चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही सिकन्दरा और अलीगंज क्षेत्र के लिए बनाई जा रही अतिरिक्त विद्युत लाइनों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ग्रिड निर्माण पूर्ण होने के बाद इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ हो जाएगी।
बैठक में कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल जमुई ने बताया कि आगामी 19 मई से शुरू होने वाले सहयोग शिविर के लिए प्रत्येक पंचायत में विभागीय कर्मियों की तैनाती की गई है। ये कर्मी जनता से बिजली संबंधित शिकायतों और समस्याओं के आवेदन प्राप्त करेंगे तथा तय समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित करेंगे।
बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल ने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभागीय कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए सुझावों और निर्देशों के आधार पर जिला प्रशासन निरंतर कार्य करेगा, ताकि जमुई जिले के लोगों को सुगम, सुलभ और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।







