खैरा/जमुई। खैरा प्रखंड क्षेत्र के बेला पंचायत अंतर्गत बंदरबारी नदी पर स्थित भंडरा-सगदाहा पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में बड़ी दुर्घटना की आशंका उत्पन्न हो गई है। पुलिया के धंसने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग माना जाता है, ऐसे में इसके क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन पर सीधा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में नरियाना-मांगोबंदर पुल पर बैरिकेडिंग किए जाने के कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन काफी बढ़ गया था। बड़े ट्रक और अन्य भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण भंडरा-सगदाहा पुलिया की संरचना कमजोर पड़ गई और अब पुलिया के एक हिस्से के धंसने से हादसे का खतरा कई गुना बढ़ गया है। पुलिया की स्थिति देखकर लोगों ने तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दी।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की हालत पिछले कुछ दिनों से खराब थी, लेकिन लगातार भारी वाहनों के गुजरने के कारण स्थिति अचानक गंभीर हो गई। ग्रामीण मंटू सिंह ने बताया कि पुल की जर्जर स्थिति की जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थाना प्रशासन को दी गई, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर सक्रिय हुए और निरीक्षण किया।
प्रशासनिक जांच के बाद अधिकारियों ने माना कि पुलिया पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए जेसीबी मशीन से पुल के आगे गड्ढा खोदकर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। साथ ही जल्द ही बैरिकेडिंग कर इस मार्ग को बड़े वाहनों के लिए पूरी तरह बंद करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि फिलहाल दोपहिया वाहनों को सावधानी के साथ गुजरने की अनुमति दी गई है।
बताया जाता है कि वर्ष 2007 में इस पुलिया का निर्माण कराया गया था और तब से यह आसपास के लगभग 10 गांवों के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य साधन बना हुआ है। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से इन गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है, जिससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और बाजार आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
शुक्रवार सुबह से ही सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिया पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगने के बाद जमुई और सोनो की ओर आने-जाने वाले लोगों को अब करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिया की मरम्मत या नए पुल के निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात के मौसम में स्थिति और भयावह हो सकती है। वहीं क्षेत्र के लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से पुल की स्थिति खराब होने के बावजूद सांसद और विधायक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिसके कारण आज यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त पुलिया की जल्द तकनीकी जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और संभावित दुर्घटना से बचाव हो सके।







