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गुरुवार, 28 मई 2026

जमुई में डिजिटल पुलिसिंग को नई रफ्तार, पुलिस व्यवस्था होगी और अधिक स्मार्ट एवं पारदर्शी

  • राज्यस्तरीय कार्यशाला में पुलिस एवं तकनीकी अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
  • आधुनिक तकनीक से सशक्त होगी कानून-व्यवस्था

जमुई/बिहार। बिहार पुलिस को आधुनिक तकनीक से सशक्त एवं हाईटेक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बिहार पुलिस एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), बिहार के संयुक्त तत्वावधान में सीसीटीएनएस सीएएस (CCTNS CAS) 1.0 परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्यस्तरीय एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन बीते कल जमुई समाहरणालय सभागार एवं एनआईसी कार्यालय में किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में जमुई जिले के पुलिस पदाधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य में डिजिटल पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी, त्वरित एवं तकनीक आधारित बनाना था, ताकि आम नागरिकों को बेहतर एवं आधुनिक पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 प्रणाली के विभिन्न तकनीकी पहलुओं, मॉड्यूल एवं उसके व्यवहारिक उपयोग से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी (SIO) डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार पुलिस अब डिजिटल परिवर्तन के एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 परियोजना पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी एवं दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार द्वारा विकसित तकनीकी कार्यप्रणालियां, नवाचार एवं सॉफ्टवेयर क्रियान्वयन मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण बन सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के विशेषज्ञों द्वारा सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 के विभिन्न मॉड्यूल, डेटा प्रबंधन प्रणाली, ऑनलाइन अपराध निगरानी तंत्र एवं सूचना आदान-प्रदान प्रक्रिया का विस्तृत तकनीकी प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नई प्रणाली के लागू होने से अपराध से संबंधित सूचनाओं का त्वरित संकलन एवं विश्लेषण संभव हो सकेगा, जिससे अपराध नियंत्रण एवं अनुसंधान प्रक्रिया को गति मिलेगी।

वहीं एनआईसी बिहार के वरीय तकनीकी निदेशक श्री नवीन कुमार ने परियोजना के चरणबद्ध क्रियान्वयन, रोलआउट रणनीति एवं तकनीकी समन्वय की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि डिजिटल पुलिसिंग व्यवस्था भविष्य की आवश्यकता है और इसके माध्यम से पुलिस विभाग की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, जमुई श्री दीपू पटेल ने संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए प्रणाली की व्यवहारिक जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को मॉड्यूल के संचालन, डेटा एंट्री, रिकॉर्ड प्रबंधन एवं ऑनलाइन रिपोर्टिंग प्रणाली की विस्तृत समझ विकसित कराई। इसके अतिरिक्त अपर जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, नेटवर्क इंजीनियर एवं तकनीकी टीम द्वारा भी प्रशिक्षण सत्र को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।

कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए डिजिटल पुलिसिंग प्रणाली को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के कुशल उपयोग, ऑनलाइन अपराध मॉनिटरिंग, डेटा सुरक्षा, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन एवं त्वरित सूचना आदान-प्रदान से संबंधित व्यवहारिक ज्ञान उपलब्ध कराया गया।

जमुई जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 परियोजना के माध्यम से पुलिस सेवाओं को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी, त्वरित एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस डिजिटल पहल से न केवल कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा, बल्कि आम लोगों को भी तकनीक आधारित तेज एवं बेहतर पुलिस सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। यह परियोजना आने वाले समय में बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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