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गुरुवार, 28 मई 2026

जमुई रेलवे स्टेशन पर इंसानियत की मिसाल, प्लेटफॉर्म पर गूंजी नवजात की किलकारी

  • प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला की यात्रियों, रेल पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर बचाई जान
  • प्लेटफॉर्म पर ही हुआ सुरक्षित प्रसव

जमुई/बिहार। जमुई रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को मानवता, संवेदनशीलता और सामूहिक सहयोग की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल छू लिया। प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर ट्रेन का इंतजार कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन मौके पर मौजूद महिला यात्रियों, रेल पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता एवं सूझबूझ के कारण महिला ने सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। घटना के बाद पूरे स्टेशन परिसर में नवजात की किलकारी गूंज उठी और हर कोई इस मानवीय पहल की सराहना करता नजर आया।

जानकारी के अनुसार शेखपुरा जिले के बहुआरा चेबारा गांव निवासी विक्की कुमार अपनी गर्भवती पत्नी कोमल देवी के साथ जमुई रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। दोनों लखीसराय जिले के मननपुर स्थित अपने ससुराल जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कोमल देवी की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों को पहले तो स्थिति समझ नहीं आई, लेकिन महिला की हालत गंभीर होते देख लोग तुरंत सहायता के लिए आगे आए।

इस दौरान स्टेशन पर मौजूद महिला यात्रियों ने अद्भुत साहस और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तुरंत चादरों का घेरा बनाकर महिला की निजता एवं सुरक्षा सुनिश्चित की। भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन पर महिलाओं द्वारा दिखाई गई यह तत्परता और मानवता लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। महिलाओं के सहयोग से कुछ ही देर में प्लेटफॉर्म पर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया और नवजात के जन्म के साथ ही स्टेशन परिसर खुशियों से गूंज उठा।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं जीआरपी के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में जुट गए। रेल पुलिस ने बिना देर किए अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र मलयपुर को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल स्टेशन पहुंची। टीम में डॉ. रेखा कुमारी, जीएनएम संध्या कुमारी एवं एएनएम प्रमिला कुमारी शामिल थीं।

स्वास्थ्यकर्मियों ने पहुंचते ही जच्चा और बच्चा दोनों की जांच की तथा आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल प्रदान की। डॉक्टरों ने बताया कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है। समय पर मिली मदद और सामूहिक प्रयास के कारण किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

रेलवे स्टेशन जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर हुई इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियों में इंसानियत और सामूहिक सहयोग सबसे बड़ी ताकत होती है। यात्रियों, महिला सहयोगियों, रेल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की हर ओर सराहना हो रही है। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने कहा कि जिस प्रकार सभी ने मिलकर एक गर्भवती महिला की मदद की, वह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

घटना के बाद नवजात के जन्म की खुशी में स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के चेहरों पर भी मुस्कान देखने को मिली। लोगों ने महिला यात्रियों, स्वास्थ्यकर्मियों और रेल पुलिस की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि आज भी समाज में इंसानियत जिंदा है और जरूरत के समय लोग एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं।

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