गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 29 मई 2026, शुक्रवार : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी एवं सर्वोच्च प्राथमिकता वाली ‘फार्मर रजिस्ट्री योजना’ के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ अब जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। इसी क्रम में गिद्धौर प्रखंड में कार्यरत किसान सलाहकार अंजली कुमारी के विरुद्ध सेवा से चयनमुक्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग से जुड़े कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, बीते 11 मई 2026 को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यस्तरीय उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में ‘फार्मर रजिस्ट्री योजना’ की प्रगति की गहन समीक्षा की गई तथा सभी जिलों को तय समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। इसी निर्देश के आलोक में जमुई जिला प्रशासन ने अभियान को मिशन मोड में संचालित करने का निर्णय लिया।
बताया जाता है कि जिले में 12 मई 2026 से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों का ‘फार्मर आईडी’ तैयार कर उन्हें सरकारी अभिलेखों में पंजीकृत करना है, ताकि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके।
जिला प्रशासन के अनुसार, फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं, अनुदान, बीज वितरण, कृषि यंत्र सहायता, फसल बीमा एवं अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। यही कारण है कि सरकार इस योजना को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा रही है।
जमुई जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों, राजस्व अधिकारियों, संबंधित कर्मचारियों एवं किसान सलाहकारों को लगातार निर्देश जारी किए हैं। साथ ही नियमित समीक्षा बैठक कर प्रखंडवार प्रगति रिपोर्ट का मूल्यांकन भी किया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान कुछ क्षेत्रों में कार्य की प्रगति अत्यंत निराशाजनक पाई गई। जिला प्रशासन ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। इसी क्रम में गिद्धौर प्रखंड की किसान सलाहकार अंजली कुमारी के विरुद्ध सेवा से चयनमुक्त करने की प्रक्रिया आरंभ की गई है।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि नहीं लेने तथा उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने वाले कर्मियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को अन्य कर्मियों के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता, कोताही या सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी अधिकारियों, राजस्व कर्मचारियों, कृषि समन्वयकों एवं किसान सलाहकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से लागू करना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।







