सोनो/जमुई (Sono/Jamui), 5 मई 2026, मंगलवार : सोनो प्रखंड के भूरहा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में निर्मित काली मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर शनिवार को एक भव्य और ऐतिहासिक शोभा कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में 101 कलश के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह, श्रद्धा और भक्ति भाव से भाग लिया। गांव का वातावरण सुबह से ही मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कलश यात्रा की शुरुआत भूरहा ग्राम से हुई, जहां से श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लिए जयकारों के बीच आगे बढ़े। यह यात्रा विभिन्न प्रमुख स्थलों, झुमराज स्थान, बटिया बाजार, काली पहाड़ी होते हुए पवित्र बरनार नदी के संगम स्थल तक पहुँची। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से जल भरकर पूजा-अर्चना की और फिर महुआ तथा काली पहाड़ी मार्ग से होते हुए पुनः भूरहा लौटे।
पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया, जिससे यात्रा एक भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण बन गई। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी गरिमामयी बना दिया।
श्रद्धालुओं के लिए सेवा का सराहनीय प्रयास
इस दौरान जेनिथ सोशल फाउंडेशन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और शीतल शरबत की उत्तम व्यवस्था की गई। तेज गर्मी के बीच यह सेवा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत राहतभरी साबित हुई और लोगों ने इसकी मुक्त कंठ से सराहना की।
सैकड़ों लोगों की रही भागीदारी
इस धार्मिक आयोजन में लगभग 400 से 500 श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में पिंटू कुमार यादव, समाजसेवी आनंद सिंह, पियूष बरनवाल, दीपक बरनवाल, निरंजन यादव, सिकंदर यादव, दिनेश यादव एवं विजय यादव सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
यजमानों ने निभाई प्रमुख भूमिका
इस पवित्र अनुष्ठान में दर्शन यादव एवं उनकी पत्नी, मूसो यादव एवं उनकी पत्नी तथा प्रदीप यादव एवं उनकी पत्नी ने मुख्य यजमान के रूप में पूजा-अर्चना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पूरे अनुष्ठान का संचालन विद्वान आचार्य नागेश्वर पांडेय द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया। वहीं प्राथमिक विद्यालय भूरहा के प्रधानाध्यापक कपिलदेव प्रसाद माथुरी भी प्रारंभ से अंत तक कार्यक्रम में उपस्थित रहे और आयोजन की सफलता में योगदान दिया।
भक्ति, एकता और उत्साह का अद्भुत संगम
पूरी कलश यात्रा के दौरान ग्रामीणों की एकजुटता, अनुशासन और भक्ति भावना ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक सहयोग की मिसाल भी पेश करता है। भूरहा में आयोजित यह कलश यात्रा श्रद्धा, सेवा और एकता का ऐसा संगम बनकर उभरी, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।






