खैरा/जमुई। प्रखंड क्षेत्र के केंडीह पंचायत अंतर्गत नवडीहा पैक्स गोदाम में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए गेहूं अधिप्राप्ति (सरकारी खरीद) की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ बुधवार दोपहर लगभग 2 बजे किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय किसानों की अच्छी-खासी उपस्थिति देखी गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि किसान इस पहल को लेकर काफी उत्साहित हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी नवीन कुमार द्वारा किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन पूर्व निर्धारित बैठक में व्यस्तता के कारण वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उनके स्थान पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) वीरेंद्र कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी (DCO) हरेंद्र प्रसाद, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (BCO) चंदन कुमार तथा कुमार गौरव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर अधिप्राप्ति कार्य का शुभारंभ किया।
उद्घाटन के साथ ही गेहूं खरीद की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई। पहले ही दिन केंडीह गांव के किसान नरेश मंडल से 20 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। इसके एवज में उन्हें 51,700 रुपये का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम के दौरान ही भुगतान होने से किसानों के बीच सरकार की इस व्यवस्था को लेकर विश्वास और उत्साह दोनों देखने को मिला।
समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि गेहूं अधिप्राप्ति की यह प्रक्रिया 01 अप्रैल 2026 से लेकर 31 मई 2026 तक संचालित की जाएगी। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और सभी पात्र किसानों को इसका लाभ मिल सके।
अधिप्राप्ति के लिए नवडीहा पैक्स गोदाम को निर्धारित केंद्र बनाया गया है। इस वर्ष सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के लिए किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र (आधार या अन्य वैध पहचान), एलपीसी, जमीन से संबंधित रसीद एवं बैंक पासबुक शामिल हैं। समिति के अनुसार, भूमि धारक किसान अधिकतम 150 क्विंटल तथा भूमिहीन किसान अधिकतम 50 क्विंटल तक गेहूं बेच सकते हैं।
पैक्स अध्यक्ष निरंजन कुमार सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन कराएं और सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही, किसी भी जानकारी या सहायता के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी गई।
इस पहल से क्षेत्र के किसानों को न केवल उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में आर्थिक मजबूती भी आएगी।






