गिद्धौर/जमुई। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर चंद्रशेखरनगर स्थित मैरी बहन बालिका विद्यालय में छात्राओं के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्वयंसेवी संस्था परिवार विकास के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विद्यालय की लगभग 100 आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को लाभ मिला।
चिकित्सकों की टीम ने किया व्यापक परीक्षण
इस दौरान दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गिद्धौर से आई चिकित्सकों की टीम ने छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में शारीरिक तापमान, रक्तचाप, एनीमिया सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य मानकों की बारीकी से जांच की गई। चिकित्सकों ने छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर उन्हें आवश्यक परामर्श भी दिया।
दवाओं का वितरण एवं स्वास्थ्य परामर्श
शिविर में किशोरियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। विशेष रूप से एनीमिया से बचाव के लिए आयरन की गोलियां लेने की सलाह दी गई। साथ ही, छात्राओं को हर छह माह में टिटनेस (टीटी) का टीका लगवाने की भी जानकारी दी गई।
पोषण और स्वच्छता पर विशेष जोर
चिकित्सकों ने छात्राओं को संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार लेने की सलाह दी। हरी सब्जियों, फल एवं पौष्टिक भोजन के सेवन पर जोर देते हुए जंक फूड से दूरी बनाए रखने की अपील की गई। इसके अलावा, व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे नियमित हाथ धोना, साफ-सफाई बनाए रखना और स्वच्छ वातावरण में रहने के महत्व को विस्तार से समझाया गया।
गर्मी में सावधानी बरतने की अपील
बढ़ती गर्मी को देखते हुए छात्राओं को विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी गई। चिकित्सकों ने अधिक पानी पीने, तेज धूप से बचने तथा हल्के और सूती कपड़े पहनने की हिदायत दी, ताकि लू एवं डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।
अनेक गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर डॉ. हेत राम मीना, माला कुमारी, सपना मुर्मू, संस्था के सचिव भावनंद, विद्यालय वार्डेन रूबी कुमारी, अभिषेक आनंद, उपेंद्र यादव सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ऐसे कार्यक्रमों को आवश्यक बताया।
निरंतर आयोजन की कही गई बात
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के स्वास्थ्य जांच शिविर भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे छात्राओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके और उन्हें एक स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक बनाया जा सके।






