जमुई/बिहार। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस को भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से मनाने को लेकर जमुई जिला भाजपा कार्यालय में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद केसरी ने की, जबकि जिला प्रभारी इंजीनियर रविशंकर प्रसाद सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद केसरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बन चुका है, जिसकी स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित एक सशक्त विचारधारा है, जो “राष्ट्र प्रथम” के मूल मंत्र पर कार्य करती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि स्थापना दिवस के अवसर पर सेवा भाव को और मजबूत करते हुए समाज के हर वर्ग तक पार्टी की विचारधारा को पहुंचाया जाए।
उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थापना दिवस को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा, लेकिन इस बार इसे और भी विशेष एवं ऐतिहासिक बनाने की योजना है। इसके तहत भाजपा कार्यालय को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा तथा सभी कार्यकर्ताओं से अपने-अपने घरों पर पार्टी का ध्वज फहराने का आग्रह किया गया है, ताकि पूरे जिले में उत्सव का माहौल बन सके।
मुख्य अतिथि इंजीनियर रविशंकर प्रसाद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी की मजबूती उसके समर्पित कार्यकर्ताओं के कारण ही संभव हो पाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की नीतियों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया तथा स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न जनसंपर्क एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।
बैठक में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें महामंत्री बृजनंदन सिंह, सोनेलाल पासवान, नंदकिशोर सिंह, जिला उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण, अनिल दीक्षित, साधना सिंह, शंभू राम, रामचंद्र वशी, अयोध्या राम चंद्रवंशी, अजय पासवान, राजेश मंडल, ताहिर हुसैन, बिंदेश्वरी शाह, बृजेश सिंह राजपूत, अभिषेक राज, मंडल अध्यक्ष मुकेश सिंह, शंभू पांडे, कन्हैया सिंह, राजा केसरी, सूरज सिंह, मनीष वर्मा, सुषमा देवी, रंजीत शाह, सुनीता केसरी, रामानंद गोस्वामी, शंकर साह, टुनटुन यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
बैठक के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पार्टी के स्थापना दिवस को सफल एवं यादगार बनाने का संकल्प लिया।






