जमुई/बिहार। जिले में संभावित गर्मी और उससे उत्पन्न होने वाले पेयजल संकट को देखते हुए प्रशासन ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने बुधवार को समाहरणालय परिसर से चापाकल मरम्मत के लिए गठित विशेष तकनीकी दलों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न प्रखंडों के लिए रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कर लोगों को गर्मी के मौसम में निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान डीएम ने अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि गर्मी के दिनों में अक्सर जलस्तर में गिरावट और तकनीकी खराबियों के कारण कई चापाकल काम करना बंद कर देते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा जाता है। उन्होंने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में सक्रियता बढ़ाते हुए खराब पड़े चापाकलों की पहचान की जाए और उनकी मरम्मत युद्धस्तर पर कराई जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में लोगों को पेयजल के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि एक भी चापाकल लंबे समय तक खराब स्थिति में न रहे। उन्होंने मरम्मत कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि इसका सीधा लाभ आम जनता को मिल सके।
पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पीएचईडी द्वारा प्रत्येक प्रखंड में अलग-अलग तकनीकी टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में कनीय अभियंता और कुशल मैकेनिक शामिल किए गए हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर खराब चापाकलों की मरम्मत करेंगे।
इसके साथ ही जिला मुख्यालय में पेयजल नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। नागरिक अपने क्षेत्र में खराब पड़े चापाकलों की सूचना दूरभाष नंबर 8544428957 पर देकर प्रशासन को अवगत करा सकते हैं। सूचना मिलने के बाद संबंधित टीम को तत्काल मौके पर भेजकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
पूरे अभियान की निगरानी सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है, जो कार्यपालक अभियंता के नेतृत्व में कार्य करेंगे। जिला प्रशासन का मानना है कि समय रहते की गई इन तैयारियों से गर्मी के मौसम में जिले के लोगों को पेयजल संकट से काफी हद तक राहत मिलेगी।
इस मौके पर उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल, अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता रितेश कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य वरीय अधिकारी और तकनीकी कर्मी मौजूद रहे।






