जमुई/बिहार। केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है, लेकिन जमुई जिले में ऐसे कई दिव्यांगजन हैं जो जांच के बाद भी महीनों से उपकरण मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2025 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एडीप योजना के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से दिव्यांग परीक्षण शिविर आयोजित किए गए थे, जिसमें बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों की जांच की गई थी।
इन शिविरों में जांच के बाद दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन शिविर आयोजित होने के करीब दस महीने बाद भी अधिकांश लाभार्थियों को उपकरण नहीं मिल सके हैं। इसके कारण दिव्यांगजनों में निराशा और असंतोष देखा जा रहा है।
गिद्धौर दिव्यांग सेवा संघ के सचिव डब्लू पंडित ने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने 9 मार्च 2026 को पत्र लिखकर जिलाधिकारी नवीन कुमार, जमुई सांसद अरुण भारती (MP Arun Bharti) तथा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) से दिव्यांगजनों के हित में शीघ्र कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित कराने की मांग की है।
डब्लू पंडित ने अपने पत्र में बताया कि 9 मई 2025 को गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय में दिव्यांग परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में जांच के बाद दिव्यांगजनों को पावती रसीद दी गई और जल्द ही वितरण शिविर आयोजित कर सहायक उपकरण देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन करीब दस महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक वितरण शिविर नहीं लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि उपकरण नहीं मिलने से दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग बैसाखी, ट्राइसाइकिल, कृत्रिम पैर या अन्य सहायक उपकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे वे सामान्य जीवन जी सकें।
गिद्धौर दिव्यांग सेवा संघ ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किया जाए, ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे लाभार्थियों को राहत मिल सके।






