जमुई/बिहार। जिला जनता दल (यू) कार्यालय जमुई स्थित कर्पूरी सभागार में गुरुवार को पार्टी के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र महतो के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। श्री महतो लगातार दूसरी बार इस पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जिसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया। समारोह में जिले के सभी प्रखंड अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष तथा सैकड़ों जदयू कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र महतो का अंगवस्त्र ओढ़ाकर और फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और नए कार्यकाल के लिए उन्हें बधाई दी। सभागार में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ और उत्साह से माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र महतो ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें दूसरी बार जिलाध्यक्ष का दायित्व सौंपा जाना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने इसके लिए पूर्व मंत्री सुमित कुमार सिंह, झाझा के विधायक दामोदर रावत तथा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के प्रति विशेष धन्यवाद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा कि वे सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेंगे। जमुई जिले में जदयू संगठन को सशक्त बनाने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
इस अवसर पर उपस्थित सैकड़ों जदयू कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भी जिलाध्यक्ष को उनके नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे सभी नए जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन को मजबूती देने के लिए कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार हैं और पार्टी के विकास एवं विस्तार के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रखंड अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष को पुनः बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। समारोह में जिले के कई सम्मानित नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिससे पूरा कार्यक्रम उत्साह और एकजुटता का प्रतीक बन गया।






