जमुई/बिहार। जिले में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की निर्बाध आपूर्ति और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कदम उठाए हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में प्रशासन लगातार गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा और निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में जिले की सभी गैस एजेंसियों के प्रबंधकों और संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने जिलेवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जमुई जिले में घरेलू उपयोग के लिए रसोई गैस सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इसलिए किसी भी उपभोक्ता को घबराने या ईंधन की कमी की आशंका करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले की गैस आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सक्रिय है और मांग के अनुरूप नियमित रूप से सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है।
जिला पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि गैस एजेंसियों या वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। प्रशासन द्वारा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा लागू नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी घरेलू उपभोक्ता अपने पिछले गैस सिलेंडर की डिलीवरी प्राप्त होने के कम से कम 25 दिनों के बाद ही अगले सिलेंडर की बुकिंग कर सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाना है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि एक बार गैस बुकिंग दर्ज हो जाने के बाद संबंधित वितरक द्वारा दो से तीन कार्य दिवसों के भीतर सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी।
इसी के साथ गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ की स्थिति को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष ‘धावा दल’ का गठन किया है। इस दल में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को प्रखंडवार जिम्मेदारी दी गई है, जो समय-समय पर गैस एजेंसियों और गोदामों का औचक निरीक्षण करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर छापेमारी भी करेंगे। इन टीमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी एजेंसी या व्यक्ति कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर कालाबाजारी में संलिप्त न हो सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी एजेंसी या व्यक्ति गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली और वितरण व्यवस्था की नियमित और सघन निगरानी करें। यदि कहीं भी अनियमितता या कृत्रिम अभाव पैदा करने की कोशिश सामने आती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
अंत में जिला पदाधिकारी ने पुनः दोहराया कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से रसोई गैस उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसमें आम जनता के सहयोग तथा धैर्य की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।






