जमुई : युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच साइकिल यात्रा ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश - gidhaur.com : Gidhaur - गिद्धौर - Gidhaur News - Bihar - Jamui - जमुई - Jamui Samachar - जमुई समाचार

Breaking

Post Top Ad - GKGPS

Post Top Ad - Sushant Sai Sundaram Durga Puja Evam Lakshmi Puja

रविवार, 15 मार्च 2026

जमुई : युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच साइकिल यात्रा ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 15 मार्च 2026, रविवार : दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध और लगातार बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से “साइकिल यात्रा एक विचार, जमुई (रजिस्टर्ड)” के बैनर तले रविवार को 532वीं रविवारीय साइकिल यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा के माध्यम से लोगों को प्रकृति की रक्षा, हरियाली बढ़ाने और पौधारोपण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।

रविवार सुबह यात्रा की शुरुआत जमुई के श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम परिसर से हुई। यहां से साइकिल सवारों का दल लठाने ग्राम की ओर रवाना हुआ। यात्रा के दौरान सदस्यों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के महत्व को समझाया। साथ ही लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और लगाए गए पौधों की देखभाल करने की अपील की।

इस अवसर पर सदस्य शैलेश भारद्वाज ने कहा कि आज पूरी दुनिया युद्ध और ऊर्जा संकट की चुनौती से जूझ रही है। ऐसे समय में प्रकृति का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। यदि हम अभी से पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण के प्रति गंभीर नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल के दिनों में जब रसोई गैस की कमी की स्थिति बनी, तब बड़े-बड़े होटल, संस्थान और आम लोग भी लकड़ी से भोजन पकाने को मजबूर हो गए। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि आधुनिक सुविधाओं के बावजूद संकट की घड़ी में प्रकृति ही मनुष्य का अंतिम सहारा बनती है।
सदस्य पंकज कुमार ने कहा कि विश्व के कई क्षेत्रों में जारी युद्धों ने न केवल मानव जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर भी गहरा असर डाला है। युद्ध के कारण गैस और अन्य ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे कई देशों में ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे हालात में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की निजी जमीन पर फलदार और लकड़ी के पौधे लगाए गए। साथ ही पूर्व में लगाए गए पौधों का निरीक्षण भी किया गया। कई पौधों में फल लगे देखकर साइकिल यात्रा के सदस्य काफी उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। सदस्यों ने कहा कि मंच द्वारा लगाए गए पौधों को बढ़ते और फलते-फूलते देखना उनके लिए किसी बड़े पुरस्कार से कम नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि लगातार प्रयास और समर्पण से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
इस अवसर पर के.पी. शौर्य, आनंद कुमार, राकेश कुमार, हर्ष कुमार सिन्हा, शिवम कुमार रावत, विवेक कुमार, सागर कुमार, रोहित कुमार, अभिषेक कुमार, बृजेश कुमार, अजीत कुमार, पंकज कुमार, आदित्य कुमार, दिलखुश कुमार, शैलेश भारद्वाज, गोलू कुमार सहित बड़ी संख्या में सदस्य, ग्रामीण एवं बच्चे उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। 

Post Top Ad -