- अश्रुपूरित नयनों से संस्थापक स्व. अमर सिंह को याद किया गया
- नवनियुक्त निदेशक मधुलिका सिंह को दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा
- “विद्यालय के बैकबोन की तरह कार्य करेगा एलुमिनी एसोसिएशन” : सुशांत साईं सुंदरम
गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 2 मार्च 2026, सोमवार। गिद्धौर के शैक्षणिक जगत के लिए अत्यंत भावुक क्षण उस समय उपस्थित हुआ, जब गिद्धौर सेंट्रल स्कूल एलुमिनी एसोसिएशन द्वारा विद्यालय परिसर में संस्थापक, निदेशक एवं प्राचार्य स्वर्गीय अमर सिंह की स्मृति में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों ने भाग लेकर उन्हें नम आंखों से श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा के आरंभ में स्व. अमर सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। पूरे परिसर में गहरा शोक और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त रहा। मंच संचालन विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र एवं शिक्षक आकाश आर्यन ने अत्यंत संयम और संवेदनशीलता के साथ किया।
समर्थन पत्र सौंपकर निभाई जिम्मेदारी
श्रद्धांजलि सभा के उपरांत एलुमिनी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशांत साईं सुंदरम के नेतृत्व में पूर्व छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने स्व. अमर सिंह की पत्नी एवं नवमनोनीत निदेशक व प्राचार्या मधुलिका सिंह को एक औपचारिक समर्थन पत्र सौंपा। इस पत्र के माध्यम से एसोसिएशन ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और गुणवत्ता को बनाए रखने हेतु हरसंभव सहयोग का संकल्प दोहराया।
अध्यक्ष सुशांत साईं सुंदरम ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. अमर सिंह ने जिस दूरदर्शिता और समर्पण के साथ विद्यालय की स्थापना की, वह आज हजारों विद्यार्थियों के जीवन में प्रकाशस्तंभ के समान है। उन्होंने कहा, “एलुमिनी एसोसिएशन विद्यालय के बैकबोन की तरह कार्य करेगा और हर सकारात्मक पहल में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।”
पूर्व छात्रों ने साझा की स्मृतियाँ
पूर्व छात्र हिमांशु बरनवाल ने कहा कि स्व. अमर सिंह केवल एक संस्थापक नहीं थे, बल्कि वे विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, संरक्षक और प्रेरणास्रोत थे। उनके अनुशासन, शिक्षा के प्रति समर्पण और नैतिक मूल्यों ने अनगिनत छात्रों के व्यक्तित्व का निर्माण किया।
एसोसिएशन के सदस्य धर्मवीर कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्व. अमर सिंह का विजन केवल एक विद्यालय का संचालन करना नहीं था, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण करना था। उन्होंने आह्वान किया कि सभी पूर्व छात्र मिलकर उनके सपनों को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बड़ी संख्या में रही सहभागिता
इस अवसर पर प्रिंस राज, नीतीश कुमार, अभिषेक कुमार, मनीष कुमार पासवान, आदित्य कुमार सहित अनेक पूर्व छात्र उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की ओर से शिक्षक संदीप कुमार, सूरज कुमार, काजल कुमारी, बबीता कुमारी, स्नेहा कुमारी, आकांक्षा कुमारी एवं अन्य कर्मियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि स्व. अमर सिंह द्वारा स्थापित आदर्शों, अनुशासन और गुणवत्ता की परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। श्रद्धांजलि सभा ने यह स्पष्ट कर दिया कि संस्थापक का सपना केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि वह अब पूरे एलुमिनी परिवार और विद्यालय समुदाय की साझा जिम्मेदारी बन चुका है।







