गिद्धौर/जमुई। गिद्धौर प्रखंड के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान गिद्धौर सेंट्रल स्कूल के निदेशक अमर सिंह का शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात लगभग 2 बजे हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही गिद्धौर सहित पूरे जमुई जिले के शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विद्यालय परिवार, शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं तथा अभिभावकों में गहरा दुख और स्तब्धता का माहौल देखा गया।
सुबह होते ही उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों का तांता लग गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न विद्यालयों के संचालक एवं प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अमर सिंह के निधन को शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
2005 में की थी विद्यालय की स्थापना
विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र एवं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुशांत साईं सुंदरम ने बताया कि वर्ष 2005 में अमर सिंह ने गिद्धौर सेंट्रल स्कूल की स्थापना कर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई ज्योति जलाई थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अनुशासन, नैतिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के समन्वय के साथ विद्यालय को नई पहचान दिलाई। आज इस विद्यालय के कई विद्यार्थी प्रशासन, शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
अनुशासन और सादगी थी पहचान
अमर सिंह अपने सरल स्वभाव, अनुशासनप्रियता और कर्मनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम है। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय ने शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में भी अपनी पहचान बनाई।
परिवार में शोक की गहरी छाया
अमर सिंह के पिता स्वर्गीय कर्मजीत सिंह गिद्धौर राज रियासत के मैनेजर रहे थे। पारिवारिक पृष्ठभूमि से ही उन्हें प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक दायित्वों की प्रेरणा मिली थी। उनके परिवार में माता, पत्नी, पुत्र, पुत्री सहित अन्य सदस्य हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की गहरी छाया व्याप्त है।
सुल्तानगंज में हुआ अंतिम संस्कार
शनिवार देर शाम उनका अंतिम संस्कार सुल्तानगंज में किया गया, जहां बड़ी संख्या में शुभचिंतक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
अमर सिंह के निधन से गिद्धौर एवं आसपास के क्षेत्रों में एक शून्यता उत्पन्न हो गई है। शिक्षा के प्रति उनकी निष्ठा, समर्पण और सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।







