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रविवार, 8 फ़रवरी 2026

गिद्धौर विराट महायज्ञ : लक्ष्मण ने काटी शूर्पणखा की नाक, कथा में श्री राम सहित चारों भाइयों का जन्म

गिद्धौर/जमुई। गिद्धौर के ऐतिहासिक पंच मंदिर परिसर के समीप सनातन संस्कृति सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय विराट महायज्ञ में भक्ति, आस्था और उल्लास का वातावरण बना हुआ है। गुरुवार की देर शाम महायज्ञ के चौथे दिन रामकथा और रामलीला के मंचन ने श्रद्धालुओं को भावनाओं से भर दिया। जैसे ही श्रीराम सहित चारों भाइयों—राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न—के जन्म का प्रसंग आया, पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।

राम जन्म के अवसर पर अयोध्या की दासियों द्वारा गाए गए पारंपरिक बधाई गीत—
“राजा जी खजनवां दे द, रानी जी गहनवां दे द…
बाजी न मंजीरा ऐसे, हीरा रतनवा दे द…”
ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। राम जन्म का सजीव मंचन देखते ही दर्शक भाव-विभोर हो उठे। नन्हें राम का रूप धरे बाल कलाकार आयरा के मासूम हाव-भाव और नटखट अंदाज ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। राम की बाल लीलाओं को देखकर पंडाल में मौजूद लोग मंत्रमुग्ध होकर रामनाम का जाप करते नजर आए।

इस अवसर पर श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा प्रवक्ता पंडित कृष्णकांत जी महाराज ने अपने ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण शैली में राम जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ। कथा के दौरान श्रद्धालु पूरी तन्मयता के साथ रामकथा में डूबे रहे।
इधर, महायज्ञ के अंतर्गत आयोजित रामलीला में अयोध्या में होने वाले राजकुमार श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। तभी माता कैकेई द्वारा वरदान में वनवास की मांग किए जाने का दृश्य मंचित हुआ। रघुकुल की रीति निभाते हुए श्रीराम ने पिता के वचन की रक्षा का संकल्प लिया और माता सीता तथा अनुज लक्ष्मण के साथ वन गमन कर गए। वनवास के दौरान शूर्पणखा द्वारा श्रीराम से विवाह प्रस्ताव रखने और लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटे जाने का दृश्य मंच पर प्रस्तुत हुआ, जिसे देखकर दर्शकों में रोमांच भर गया। इसके बाद शूर्पणखा द्वारा लंकेश रावण के पास जाकर अपनी व्यथा सुनाने और सीता हरण का कारण बनने वाला प्रसंग भी प्रभावी ढंग से दिखाया गया। पूरी रामलीला के दौरान पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा।

महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिदिन भव्य भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए गिद्धौर थाना प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया। देर शाम प्रभारी थानाध्यक्ष जयप्रकाश कुमार सिंह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए स्वयं भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सनातन संस्कृति सेवा समिति के अध्यक्ष सोनू कुमार, सचिव सुमन कुमार, सह सचिव सुशांत साईं सुंदरम, कोषाध्यक्ष बिट्टू कुमार, सह-कोषाध्यक्ष रॉकी कुमार, उपाध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ पाजो जी सहित बजरंगी कुमार, आशीष गुप्ता, राजन कुमार, संतोष कुमार, प्रिंस झा, रॉनित कुमार, मिथलेश कुमार, विकास माथुरी, ब्रह्मदेव कुमार, आकाश कुमार सोनू, अंजेश कुमार एवं अन्य सदस्य पूरे समर्पण भाव से जुटे हुए हैं।

समिति के सदस्य आशीष गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन शाम 5 बजे से पंडित कृष्णकांत जी महाराज द्वारा श्रीरामकथा का वाचन किया जा रहा है, जबकि शाम 8 बजे से प्रयागराज की रामलीला मंडली द्वारा भव्य रामलीला का मंचन किया जा रहा है। साथ ही प्रतिदिन शाम 7 बजे से भंडारे की व्यवस्था की गई है। इस विराट आयोजन में राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी शिरकत कर रही हैं।
विराट महायज्ञ और रामलीला के माध्यम से इन दिनों गिद्धौर का संपूर्ण वातावरण सनातन संस्कृति, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया है। आयोजन से न केवल धार्मिक चेतना जागृत हो रही है, बल्कि क्षेत्र में आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का भी सशक्त संदेश प्रसारित हो रहा है।

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