गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 17 जनवरी 2026, शनिवार : शनिवार को गिद्धौर थाना परिसर में पुलिस–जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा क्षेत्र में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण मजबूत करना रहा। थाना क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, स्थानीय युवा और महिलाएं उपस्थित रहे।
पुलिस–जनसंवाद के दौरान पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास कायम करने, ग्राम सुरक्षा समिति को सक्रिय एवं प्रभावी बनाने तथा क्षेत्र में घटित हो रहे अपराधों और उनके कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम में सबसे अधिक आवेदन जमीनी विवाद और अतिक्रमण से जुड़े मामलों से संबंधित आए, जिसे गंभीरता से सुनते हुए पुलिस अधीक्षक ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
एसपी विश्वजीत दयाल ने गिद्धौर क्षेत्र में दुर्गा पूजा एवं हाल के चुनावों के दौरान ग्रामीणों द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के सहयोग से ही कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार अब पदाधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर जनता की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति पर झूठा आरोप न लगे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर उत्पन्न होने वाले जमीनी विवादों का समाधान पंचायत प्रतिनिधि आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से करने का प्रयास करें, ताकि विवाद बढ़ने से रोका जा सके।
कार्यक्रम के दौरान एसपी ने डिजिटल साक्षरता को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा न करने जैसी सावधानियों की जानकारी दी और लोगों से सतर्क रहने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी संपर्क सूत्र साझा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी या आपात स्थिति में बिना संकोच पुलिस से संपर्क करें।
अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस और जनता के आपसी सहयोग से ही एक सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि वे यहां किसी अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि एक सेवक के रूप में जनता की सेवा करना चाहते हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पुलिस–जनसंवाद कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।






