झाझा/पटना/बिहार। झाझा विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ विधायक दामोदर रावत ने सोमवार को पटना में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान विधायक दामोदर रावत ने उन्हें नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के क्रम में दोनों नेताओं के बीच पार्टी संगठन की मजबूती, बिहार के समग्र विकास, आगामी राजनीतिक रणनीति तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में झाझा विधानसभा क्षेत्र सहित जमुई जिले के विकास कार्यों, संगठनात्मक गतिविधियों और जमीनी स्तर पर पार्टी को और सशक्त बनाने को लेकर भी चर्चा की गई। विधायक दामोदर रावत ने क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं, समस्याओं और विकास की जरूरतों से राष्ट्रीय नेतृत्व को अवगत कराया। वहीं संजय झा ने संगठनात्मक कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया।
उल्लेखनीय है कि दामोदर रावत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संघर्षकाल के पुराने और भरोसेमंद साथियों में गिने जाते हैं। वे अपनी स्वच्छ छवि, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और विकासोन्मुखी सोच के लिए पूरे क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। उनका राजनीतिक सफर वर्ष 2000 में समता पार्टी से जीत के साथ शुरू हुआ। इसके बाद वर्ष 2005 के फरवरी एवं अक्टूबर दोनों विधानसभा चुनावों में उन्होंने जदयू प्रत्याशी के रूप में लगातार जीत दर्ज की। वर्ष 2010 में भी उन्होंने अपनी विजय पताका फहराई।
हालांकि वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें महागठबंधन प्रत्याशी के रूप में पराजय का सामना करना पड़ा, लेकिन वर्ष 2020 में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए एक बार फिर झाझा की जनता का विश्वास जीत लिया। इसके बाद वर्ष 2025 में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी के रूप में दामोदर रावत ने छठी बार विजय हासिल कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का परिचय दिया।
गौरतलब है कि दामोदर रावत इससे पूर्व राज्य सरकार में समाज कल्याण, भवन निर्माण तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। उनके कार्यकाल में कई जनहितकारी योजनाओं को गति मिली और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।
राजनीतिक हलकों में दामोदर रावत और संजय झा की इस मुलाकात को संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, जिससे आगामी समय में जदयू को और मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।






