जमुई/बिहार। शनिवार को जमुई समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद जमुई अरुण भारती ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करना तथा उन्हें रोकने के लिए ठोस और प्रभावी उपायों पर विचार-विमर्श करना रहा।
बैठक के दौरान पूर्व में आयोजित बैठक से संबंधित अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। साथ ही वर्ष 2022 से 2025 तक के तुलनात्मक सड़क दुर्घटना प्रतिवेदन, नॉन हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान की स्थिति, हिट एंड रन मामलों के अंतर्गत मुआवजा प्रतिवेदन, आई-रैड/ई-दार प्रणाली, चिन्हित ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण एवं सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु किए जा रहे उपायों पर बिंदुवार चर्चा की गई। इसके अलावा वाहनों की नियमित जांच, सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अध्यक्ष द्वारा सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन में व्यापक जन-जागरूकता लाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी नवीन ने कहा कि जिले में चिन्हित सभी ब्लैक स्पॉट पर समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई कर सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी ब्लैक स्पॉट की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाए और वहां शीघ्र आवश्यक सुधारात्मक कार्य सुनिश्चित किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर पर्याप्त संकेतक बोर्ड लगाने तथा अन्य कारणों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान कर समाधान निकालने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बैठक में जानकारी दी कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस द्वारा एक सुनियोजित कार्ययोजना के तहत लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने पार्किंग व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि तेज गति से वाहन चलाने, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने तथा सड़क नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध लगातार चालान की कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में झाझा विधायक दामोदर रावत, उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनील कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाने का निर्देश दिया गया।







