जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 1 जनवरी 2026, गुरुवार : जिले में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड, गिरते तापमान और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अहम निर्णय लिया है। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने आदेश जारी कर जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 5 तक की शैक्षणिक गतिविधियों को 3 जनवरी 2026 तक स्थगित कर दिया है। यह आदेश 1 जनवरी 2026 से प्रभावी रहेगा।
प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी और कोचिंग संस्थान भी रहेंगे बंद
जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार इस अवधि में केवल विद्यालय ही नहीं, बल्कि जिले में संचालित सभी प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र एवं निजी कोचिंग संस्थान भी कक्षा 5 तक पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि अत्यधिक ठंड छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
ऊपरी कक्षाओं के लिए बदला गया समय
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 5 से ऊपर की पढ़ाई पूरी तरह बंद नहीं रहेगी। इन कक्षाओं का संचालन संशोधित समय सारिणी के अनुसार सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाएगा, ताकि बच्चों को सुबह की कड़ाके की ठंड और कोहरे से राहत मिल सके।
लगातार गिर रहा तापमान, बढ़ी परेशानी
बीते कई दिनों से जिले में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह और रात के समय पछुआ हवा और घने कोहरे के कारण ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। ऐसे मौसम में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पहले के आदेश को किया गया विस्तारित
गौरतलब है कि इससे पहले जिला प्रशासन ने 31 दिसंबर 2025 तक विद्यालयों के संचालन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। मौसम की गंभीरता को देखते हुए अब इस आदेश की अवधि बढ़ाकर 3 जनवरी 2026 तक कर दी गई है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आगे भी मौसम की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार निर्णय लिया जाएगा।
आदेश के सख्त अनुपालन के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, आंगनबाड़ी कर्मियों एवं सभी विद्यालय प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
अभिभावकों से अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखें। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षा के हित में लिया गया है।






