गिद्धौर/बिहार। मकर संक्रांति पर्व के नजदीक आते ही गिद्धौर बाजार इन दिनों तिल और गुड़ की सौंधी खुशबू से सराबोर हो उठा है। ठंड के मौसम में पारंपरिक मिठाई तिलकुट की बढ़ती मांग ने बाजार को खासा रौनकदार बना दिया है। सुबह से लेकर देर शाम तक तिलकुट की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है।
बाजार में उपलब्ध तिलकुट की कीमतें भी अलग-अलग किस्मों के अनुसार तय की गई हैं। गुड़ से बने तिलकुट का रेट 280 रुपये प्रति किलो, चीनी से बने तिलकुट का 250 रुपये प्रति किलो, जबकि शुद्ध खोवा से तैयार तिलकुट 400 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। ग्राहकों का कहना है कि स्वाद और शुद्धता के कारण वे अपनी पसंद के अनुसार तिलकुट खरीद रहे हैं।
तिलकुट विक्रेता चंदन गुप्ता ने बताया कि इस बार ठंड अधिक होने के कारण तिलकुट की मांग पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा है। उन्होंने कहा कि “लोग शुद्ध गुड़ और तिल से बने तिलकुट को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। डिमांड इतनी है कि सप्लाई दूर-दूर तक भेजनी पड़ रही है।”
विक्रेता बमबम केशरी ने कहा कि तिलकुट बनाने में पूरी साफ-सफाई और शुद्ध सामग्री का ध्यान रखा जा रहा है। “ग्राहकों का भरोसा बना रहे, इसके लिए हम पारंपरिक तरीके से तिलकुट तैयार कर रहे हैं। इस बार ऑर्डर गिद्धौर के अलावा आसपास के गांवों और कस्बों से भी मिल रहे हैं,” उन्होंने बताया।
वहीं, राजकुमार गुप्ता ने बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर तिलकुट की मांग चरम पर है। उन्होंने कहा, “डिमांड और सप्लाई दोनों ही दूर-दूर तक है। कई लोग पहले से ही तिलकुट की बुकिंग करवा रहे हैं, ताकि त्योहार के समय किसी तरह की परेशानी न हो।”
कुल मिलाकर, तिलकुट की मिठास और तिल-गुड़ की सौंधी खुशबू ने गिद्धौर बाजार को त्योहार की रंगत में रंग दिया है। खरीदारी के लिए उमड़ रही भीड़ से बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है और स्थानीय व्यापारियों के चेहरे पर भी खुशी साफ झलक रही है।






