गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 30 दिसंबर 2025, मंगलवार : गिद्धौर बाजार में वर्षों से फुटपाथ पर दुकानदारी कर अपनी आजीविका चलाने वाले दुकानदार इन दिनों स्थाई जगह की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देश पर 10 दिसंबर को गिद्धौर बाजार में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत लॉर्ड मिंटो टावर चौक के इर्द-गिर्द से फुटपाथी दुकानदारों, ठेले, खोमचे और रेहड़ी वालों को शांतिपूर्वक हटा दिया गया था। यह अभियान गिद्धौर प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
अतिक्रमण हटने के बाद फुटपाथी दुकानदारों के सामने सबसे बड़ी समस्या अपनी दुकान लगाने के लिए उपयुक्त स्थान की हो गई है। फिलहाल ये दुकानदार राजमहल के सामने अस्थाई रूप से ठेले लगाकर किसी तरह अपना गुजारा कर रहे हैं, लेकिन यह व्यवस्था स्थाई नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि अनिश्चितता के इस माहौल में उनकी रोज़ी-रोटी पर संकट गहराता जा रहा है।
स्थाई समाधान की मांग को लेकर फुटपाथी दुकानदार झाझा विधायक दामोदर रावत, गिद्धौर के अंचलाधिकारी आरती भूषण तथा बीडीओ सुनील कुमार से भी मिल चुके हैं। दुकानदारों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए स्थाई स्थान उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।
बताया जाता है कि गिद्धौर क्षेत्र में सरकारी जमीन होने के साथ-साथ कई भूभाग गिद्धौर राज रियासत के अधीन भी आते हैं। जमीन की मिल्कियत स्पष्ट न होने और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण अधिकारियों को भी दुकानदारों को स्थाई जगह आवंटित करने में परेशानी हो रही है।
उधर, गिद्धौर बाजार ग्राम पंचायत राज पतसंडा के अंतर्गत आता है। पतसंडा पंचायत की मुखिया ललिता देवी के प्रतिनिधि राजीव कुमार साव उर्फ पिंकू ने बताया कि गिद्धौर महाराज द्वारा करीब 20 वर्ष पूर्व कोयला डिपो की ओर फल एवं सब्जी मंडी के लिए दुकानदारों को जगह अलॉट की गई थी। बावजूद इसके दुकानदार उस निर्धारित स्थान पर कभी गए ही नहीं। बाजार के फ्रंट में दुकान लगाने की चाह में सभी दुकानदार लॉर्ड मिंटो टावर चौक के आसपास ही व्यवसाय करते रहे। अब जब सरकार द्वारा लॉर्ड मिंटो टावर चौक का अधिग्रहण कर लिया गया है, तो अतिक्रमण हटाया जाना स्वाभाविक था।
पूर्व पैक्स अध्यक्ष गुरुदत्त प्रसाद ने कहा कि यह प्रशासनिक कार्रवाई है। इसपर प्रशासन के अधिकारियों को ही पहल करते हुए हटाए गए फुटपाथी दुकानदारों को शीघ्र ही जगह दिया जाना चाहिए। उनके भी परिवार और जीवनयापन का सवाल है।
वहीं फल व्यवसाई नीतीश कुमार, चंदन बरनवाल और सब्जी दुकानदार सोनू कुमार सहित अन्य दुकानदारों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन उन्हें एक स्थाई और उपयुक्त स्थान उपलब्ध करा दे, तो सभी दुकानदार वहां जाकर नियम के तहत अपनी दुकानें लगाएंगे।
दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि टावर चौक से दुकानदारों के हटने के बाद समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। राजमहल के सामने ठेले लग जाने और लॉर्ड मिंटो टावर चौक परिसर खाली होने के बाद वहां ऑटो और टोटो खड़े किए जाने से अतिक्रमण और जाम की स्थिति अब भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार व्यवस्था, यातायात और फुटपाथी दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर एक ठोस और स्थाई योजना बनाई जाए, ताकि सभी पक्षों को राहत मिल सके।







