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बुधवार, 24 दिसंबर 2025

मौसम का बदला मिजाज बना बीमारी की वजह, गिद्धौर में अस्पतालों में उमड़ रही मरीजों की भीड़

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 24 दिसंबर 2025, बुधवार : क्षेत्र में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने लोगों की सेहत पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। दिन में हल्की धूप और शाम होते ही हाड़ कंपा देने वाली ठंड के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ठंड और बदलते मौसम की बेरुखी के चलते इन दिनों गिद्धौर स्थित दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

मौसम परिवर्तन के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी, सिर दर्द, बदन दर्द और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज अधिक सामने आ रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक होने से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीपी, शुगर या सांस की समस्या से जूझ रहे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
इस संबंध में दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार सिंह ने बताया कि ठंड के मौसम में वायरल इंफेक्शन और बैक्टीरियल इंफेक्शन के साथ-साथ निमोनिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि निमोनिया के लक्षणों में भूख कम लगना, बुखार, सांस लेने में तकलीफ और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होना प्रमुख हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर मरीजों को बिना देरी किए अस्पताल से संपर्क करना चाहिए।

डॉ. सिंह ने ठंड से बचाव के लिए लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि मरीजों को गर्म पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए, ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और बीपी व शुगर जैसी पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोग अपनी नियमित जांच अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन करीब 100 से 150 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिनमें अधिकांश सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी, सिर दर्द, बदन दर्द, सांस की समस्या, शुगर और बीपी से संबंधित रोगों से पीड़ित हैं।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सभी प्रकार की आवश्यक दवाएं और सामान्य जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर लापरवाही न बरतें और समय पर अस्पताल आकर इलाज कराएं, ताकि गंभीर बीमारी से बचा जा सके।

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