जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 28 दिसंबर 2025, रविवार : बिहार के जमुई जिले में शनिवार की देर रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया, जब सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी अचानक पटरी से उतर गई। आसनसोल की ओर से झाझा जा रही अपलाइन मालगाड़ी के कुल 15 डिब्बे जसीडीह–झाझा रेलखंड पर डिरेल हो गए। इनमें से 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए, जबकि 5 डिब्बे नीचे बह रही बडुआ नदी में जा गिरे। यह हादसा पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल अंतर्गत रेलवे ब्रिज संख्या 676 के पास रात करीब 11:40 बजे हुआ।
हादसे के बाद पटना से हावड़ा जाने वाला व्यस्त रेल मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो गया। अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे बीते सात घंटे से अधिक समय से कई यात्री और मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर फंसी हुई हैं। जसीडीह, सिमुलतला और आसपास के स्टेशनों पर ट्रेनों को रोकना पड़ा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अप लाइन से गुजर रही मालगाड़ी जैसे ही बडुआ नदी पर बने रेलवे पुल के पास पहुंची, अचानक जोरदार आवाज के साथ पटरी उखड़ गई। कुछ ही पलों में मालगाड़ी के डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ते चले गए। हादसे में तीन डिब्बे सीधे नदी में गिर गए, जबकि दो डिब्बे पुल पर खतरनाक स्थिति में लटकते नजर आए। वहीं छह से अधिक डिब्बे पटरी से उतरकर आपस में टकरा गए।
हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अप लाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन की ओर जा सिमटी, जिससे दोनों ट्रैक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे के समय यह एक मालगाड़ी थी। यदि यही दुर्घटना किसी यात्री ट्रेन के साथ होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। आसनसोल रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी विपुला बौरी ने बताया कि मालगाड़ी के डिरेल होने की जानकारी मिलते ही कंट्रोल रूम से राहत और बहाली कार्य के लिए विशेष टीमें मौके पर रवाना कर दी गई हैं। रेलवे के इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और अन्य कर्मी युद्धस्तर पर बहाली कार्य में जुटे हुए हैं। फिलहाल हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों को हटाने और क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत करने में 8 से 10 घंटे या उससे अधिक का समय लग सकता है। इसके बाद ही रेल परिचालन को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सकेगा। तब तक इस रूट पर ट्रेनों के परिचालन पर असर बने रहने की संभावना है।
इस हादसे के चलते पटना–हावड़ा रेल रूट पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। वहीं, हादसे के वास्तविक कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।






