जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 22 दिसंबर 2025, सोमवार : जमुई जिलाधिकारी नवीन कुमार ने सोमवार को शहर स्थित गांधी पुस्तकालय का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति, पाठकों की सुविधा, भवन की दशा तथा संचालन व्यवस्था की जानकारी ली और इसे और अधिक उपयोगी व आकर्षक बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पुस्तकालय परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, पाठकों के लिए बैठने की पर्याप्त और सुव्यवस्थित व्यवस्था करने, नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा भवन की रंगाई-पुताई जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान अर्जन का महत्वपूर्ण केंद्र होता है, जहां छात्र-छात्राओं के साथ-साथ आम नागरिक भी अध्ययन के लिए आते हैं। ऐसे में यहां का वातावरण शांत, स्वच्छ और सुविधाजनक होना आवश्यक है।
निरीक्षण के क्रम में उन्होंने पुस्तकालय के नियमित रख-रखाव पर भी विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का सही ढंग से उपयोग किया जाए और पुस्तकालय का संचालन नियमित रूप से प्रभावी तरीके से हो, ताकि पाठकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध रूप से पूरे कराए जाएं।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि पुस्तकालय में समाचार पत्र, पत्रिकाएं, सामान्य साहित्य, ज्ञानवर्धक पुस्तकें तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं और युवा इसका लाभ उठा सकें। इससे न केवल अध्ययन का स्तर बेहतर होगा, बल्कि पुस्तकालय के प्रति लोगों की रुचि भी बढ़ेगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुस्तकालय के कर्मचारियों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि पाठकों के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार रखें और पुस्तकालय की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मौके पर जिला परिवहन पदाधिकारी सुनील कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि गांधी पुस्तकालय में शीघ्र ही आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएंगे, जिससे यह पुस्तकालय जमुई के लोगों के लिए एक बेहतर अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।









