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बुधवार, 19 जून 2024

अलीगंज : ग्रामीण क्षेत्रों में घड़ल्ले से हो रही है देसी व विदेशी शराब की बिक्री

अलीगंज/जमुई (Aliganj/Jamui), 19 जून 2024, बुधवार
* रिपोर्ट : चंद्रशेखर सिंह
राज्य सरकार के शराबबंदी कानून को धता बताते हुए प्रखंड के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों मे खुलेआम शराब का कारोबार चल रहा है। देसी महुआ शराब का प्रचलन बढ़ा है। कुछ जगहो पर ताड़ी के आड़ मे शराब की बिक्री की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में देसी महुआ शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की पुलिस प्रशासन और उत्पाद विभाग की कोशिशें परवान नहीं चढ़ रही हैं। इस कार्य में लगे लोगों में महिलाओं व नाबालिग युवकों की संख्या अधिक है। जिस कारण पुलिस प्रशासन कार्रवाई करने से कतराती हैं।

प्रखंड के मानपुर, अलीगंज, इस्लामनगर, मंगरोहर, हुडरहिया, भलुआना, हिलसा, कोदवरिया, पलसाबुजूर्ग, दरखा, लक्ष्मीपुर, मिर्जागंज, बाल्डा सहित अन्य जगहों पर खुलेआम घरों में बनी शराब की बिक्री हो रही है। देसी के साथ विदेशी शराब की भी होम डिलीवरी तथा बिक्री अबाध गति से की जा रहीहै।
सूत्र बताते हैं कि रात के अंधेरे तो दूर दिन के उजाले में भी शराब माफियाओं के स्थानीय पुलिस व उत्पाद विभाग की साठ-गांठ से यह धंधा फल-फूल रहा है। कुछ गांव में महुआ शराब का निर्माण कर बेचा जाता है। वहीं कुछ जगह शराब माफियाओं द्वारा कोरोबारियों के घर व गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जा रहा है।

गुड़ निर्मित शराब की हो रही है बिक्री
जानकार बताते हैं कि देसी शराब के निर्माण में महुआ, छुआ, गुड़ और नशीली दवा समेत अन्य सामग्रियों का प्रयोग हो रहा है। बाजार में छुआ गुड़ की बिक्री में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। रोजाना दर्जनों टीन छुआ गुड़ विभिन्न क्षेत्रों में व्यापारी भेज रहे हैं ।

ग्रामीणों को नहीं मिल रहा पुलिस को सहयोग
ग्रामीणो ने नाम नही प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि शराब माफियाओं से पुलिस की मिलीभगत रहती है।सूचना दिए जाने पर शराब कारोबारियों को बता दिया जाता है और पुलिस कोरम पूरा कर अपने काम को इतिश्री कर लेती है। कई लोगों ने बताया कि सूचना के बाद भी पुलिस छापेमारी नही करती है। बता देने के कई घंटे व दिन बाद पहुंचती है, जिससे धंधे मे शामिल कारोबारियों को शराब छिपाने व छिप जाने का समय मिल जाता है।

बता दें कि बिहार मे शराबबंदी के साथ-साथ नशाबंदी कानून लागू रहने के बावजूद देसी व विदेशी शराब की बिक्री जारी है। इधर उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि छापेमारी की जाती है। अगर शिकायत मिलती है तो निश्चित छापेमारी कर शराब माफियाओं के साथ कारोबारी को किसी भी कीमत पर बक्शा नही जाएगा।

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