जमुई में हुआ पतंग महोत्सव! "बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ" का संदेश देकर डीएम ने उड़ाई पतंगें



जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 15 जनवरी 2024, सोमवार : मकर संक्रांति का पर्व सोमवार को जमुई में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु जन सुबह से ही पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का जुटे हैं। 

      

इसी संदर्भ में समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) के द्वारा जमुई प्रखंड अंतर्गत मरकट्टा गांव में अभिनव पहल किया गया। गांव के खाली भूखंड पर विभाग की ओर से आयोजित पतंग महोत्सव में अधिकारियों , कर्मियों और बेटियों ने " बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ " का संदेश देते हुए जमकर पतंगें उड़ाई।

   

डीएम राकेश कुमार ने पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया और  पंतगबाजी का खूब लुत्फ उठाया। कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जन जागरण के साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे पतंग पर अंकित किए गए थे।



उन्होंने पंतगबाजी का लुत्फ उठाते हुए कहा कि जिस तरह से आसमान में तेज हवाओं के बीच भी पंतग संर्घष करते हुए डोर से अपना दामन थामते हुए लहराती है उसी तरह से हमें भी बेटियों को जीवन में सफलता और सम्मान के साथ जीने का हक देना चाहिए। भ्रूण हत्या , बाल विवाह , दहेज प्रथा , महिला उत्पीड़न जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश लगाना इस मुहिम का लक्ष्य है। श्री कुमार ने विकसित भारत के निर्माण के लिए इसे आवश्यक ही नहीं वरन अनिवार्य करार दिया।

     

जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी आर. के. दीपक , आईसीडीएस की डीपीओ रेखा कुमारी , बीडीओ श्री श्रीनिवास समेत कई अधिकारी , विभागीय कर्मी , पंचायत जन प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण अलौकिक आयोजन के साक्ष्य बने।

         

सर्वविदित है कि देशभर में सोमवार को मकर संक्रांति का उत्सव मनाया जा रहा है। श्रद्धालु सुबह से ही पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का यह उत्सव मकर संक्रांति भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में मनाया जाता है।



मकर संक्रांति त्योहार को भारत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। मकर संक्रांति को तमिलनाडु में पोंगल , गुजरात में उत्तरायण , पंजाब में माघी , असम में बीहू कहा जाता है।

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