खैरा : वृंदावन से डूमरकोला गांव पधारे शैलेश बापू के श्रीमद् भागवत कथा से माहौल हुआ भक्तिमय

खैरा/जमुई (Khaira/Jamui), 26 नवंबर 2023, रविवार
✓ रिपोर्ट : प्रह्लाद
वृंदावन धाम बैकुंठ के बराबर है, जब वहां देश-विदेश के श्रद्धालु गण पहुंचते हैं, तो उन्हें वहां परम शांति मिलती है। उनका आत्मबल बढ़ जाता है। ऐसा प्रतीत होता है कि वे बैकुंठ धाम पहुंच गए हैं। वृंदावन से पधारे शैलेश बापू जी महाराज ने उक्त बातें खैरा प्रखंड के डूमरकोला गांव स्थित श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन में श्रद्धालुओं से कही।

उन्होंने कहा कि जब वृंदावन में कृष्ण का जन्मोत्सव होता है तो उस पावन अवसर पर वृंदावन की पावन धरती छोड़ने को मन नहीं करता है। उन्होंने कहा कि कृष्ण जन्म उत्सव के अवसर पर वहां की गोपियों ब्रज भाषा में गीत गाती है और नृत्य करती है तो ऐसा प्रतीत होता है की हर प्रकार का सुख हमें मिल गया है।
बाल रूप कृष्ण गोपियों के घर जाकर माखन और दही चुरा कर खाते हैं और अपने मित्रों को भी खिलाते हैं, तब गोपिया माता यशोदा को यह शिकायत करने जाती हैं। हालांकि इस दृश्य से गोपियों को भी आनंद मिलता है बल्कि माता यशोदा भी आनंदित होती हैं।

मौके पर परायण वाचक शिवनंदन तिवारी वृंदावन, जप करता परमानंद पांडेय डुमरकोला, और आचार्य जगदेव बाबा और इस कथा के आयोजक शिवनंदन यादव एवं उनकी धर्मपत्नी मनकवा देवी है। उस स्थान पर गांव की महिलाएं एवं पुरुष गण प्रवचन सुनकर आनंदित होते हैं। पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

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