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जमुई : राष्ट्रकवि दिनकर जयंती सह-सम्मान समारोह 24 सितंबर को

जमुई (Jamui), 15 सितंबर 
● विशेष रिपोर्ट : शुभम मिश्र, वरिष्ठ संपादक, gidhaur.com
जिले के साहित्यिक गतिविधियों को गतिमान बनाये रखने वाली अग्रणी संस्था, समग्र भारत न्यास की साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रकल्प पगडंडी जमुई द्वारा हिन्दी पखवाड़ा एवं राष्ट्रकवि दिनकर जयंती के अवसर पर जमुई के अतिथि पैलेस में 24 सितंबर को साहित्य, शिक्षा एवं सामाजिक गतिविधियों में अपनी महती भूमिका निभाने वाले लोगों को सम्मानित किया जायेगा।

इस बाबत संस्था के अध्यक्ष डाॅ. रवीश कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व की भांति इस वर्ष भी हमारी संस्था द्वारा हिन्दी पखवाडा के अवसर पर साहित्य संगोष्ठी, काव्य पाठ एवं साहित्यकारों की प्रकाशित कृतियों का लोकार्पण किया जायेगा। इस एक-दिवसीय आयोजन में कुल सात लोगों को उनके विभिन्न विधाओं में महती भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया जायेगा। इस दरम्यान...

हिन्दी भाषा साहित्य के विविध विधाओं में लेखन के लिये :-
• पंडित जगन्नाथ प्रसाद चतुर्वेदी हिन्दी सेवी सम्मान - 2022 --
जिले के साहित्यकार एवं सुप्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.एस.एन.झा,जमुई को दिया जायेगा

संत/भक्ति साहित्य में शोध एवं अध्ययन के लिये :-
• संत अर्जुनदास सरस्वती सम्मान -2022
साध्वी डाॅ गोल्डन ब्रह्मचारिणी ,पूर्णियां को दिया जायेगा।

हिन्दी और अंगिका साहित्य के विविध विधाओं में लेखन प्रस्तुतिकरण एवं प्रचार-प्रसार के लिए :-
• डाॅ गिरिधर आचार्य स्मृति साहित्यकार सम्मान-2022
अंगिका ब्वाय के नाम से सुविख्यात फिल्मकार एवं साहित्यकार डॉ मनजीत सिंह ' किनवार ' भागलपुर को दिया जायेगा

लोक संस्कृति के जागरण और उसके प्रचार-प्रसार के लिए :-
• पगडंडी संस्कृति सेवी सम्मान -2022
बाबा कोकिलचंद विचार मंच के संयोजक चुनचुन कुमार, गंगरा को दिया जायेगा।

सामाजिक विविध क्षेत्रों में जागरूकता तथा कुशल नेतृत्व के लिये :-
• पगडंडी नेतृत्व प्रतिदर्श सम्मान -2022
जिले के तीन लोगों को उनके संबंधित क्षेत्रों में महती योगदान के लिये दिया जायेगा।
- समाजिक समरसता :- गौरव सिंह राठौड़,झाझा
- दिव्यांगों की मदद एवं अंग उपलब्ध कराने हेतु :-
भारत विकास परिषद के सचिव शंभू कुमार को
- शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने एवं युवाओं को
प्रेरित करने के लिए :-
डाॅ विभूति भूषण को दिया जायेगा

उक्त आशय की जानकारी देते हुए डाॅ रवीश ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल साहित्यिक गतिविधियां बढ़ी हैं अपितु सांस्कृतिक चेतना का भी विकास हुआ है। पिछले कई वर्षों से समग्र भारत न्यास जमुई के सांस्कृतिक साहित्यिक प्रकल्प द्वारा जमुई के स्मृति-शेष हिन्दी कवियों, लेखकों के नाम सम्मान योजना चलायी जा रही है, तथा नये हिन्दी लेखकों, कवियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जा रहा है।